MP Weather: मानसून की विदाई से पहले फिर बिगड़ा मौसम, 7 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश में मानसून विदाई से पहले बारिश का दौर जारी है। डिंडौरी-उमरिया में नदी-पुल प्रभावित, बांधों के गेट खुले। 7 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट।


भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई में अब महज चार दिन बाकी हैं, लेकिन बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। डिंडौरी और उमरिया में हालात बिगड़ने पर पुलों पर पानी आ गया, जबकि बरगी, जोहिला और बिलगांव बांध से पानी की निकासी के लिए गेट खोलने पड़े।
मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और रीवा में तेज बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बूंदाबांदी होने की संभावना है।
35.6 इंच बारिश, सामान्य आंकड़े के करीब पहुंचा प्रदेश
इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 35.6 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह प्रदेश की सामान्य मौसमी बारिश 37.3 इंच का करीब 95.4 प्रतिशत है। यानी सामान्य बारिश के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अब करीब 1.7 इंच बारिश की जरूरत है।
हालांकि प्रदेश में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा है। अब तक 25 जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि कई जिलों में बारिश सामान्य से कम है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की कमी अभी भी बनी हुई है।
डिंडौरी-उमरिया में बारिश से बढ़ा नदी-नालों का जलस्तर
पूर्वी मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का सबसे ज्यादा असर डिंडौरी, उमरिया और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दिया। डिंडौरी में बारिश के कारण नर्मदा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया। जोगी टिकरिया पुल पर पानी आने से आवागमन प्रभावित हुआ और जबलपुर-अमरकंटक मार्ग पर भी इसका असर पड़ा।
शहपुरा क्षेत्र के बिलगांव बांध के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। वहीं उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला बांध के चार गेट खोलकर जल निकासी की गई। जबलपुर के बरगी बांध में भी पानी की आवक बढ़ने के बाद अतिरिक्त गेट खोलने पड़े।
बारिश और जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
रविवार को इन जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार को मुरैना, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना और रीवा में तेज बारिश की संभावना जताई है। वहीं कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी के आसार हैं।
इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में भी बारिश हो सकती है।
सोमवार से कमजोर पड़ सकता है बारिश का सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का मौजूदा दौर गहरे अवदाब के प्रभाव से बना है। अगले करीब 24 घंटे तक इसका असर बने रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की सामान्य अवधि मध्य प्रदेश में 1 जून से 30 सितंबर तक मानी जाती है। ऐसे में अब मानसून की विदाई में सिर्फ चार दिन बचे हैं। राजस्थान के कई हिस्सों से मानसून की वापसी शुरू हो चुकी है।
जून की कमी ने बिगाड़ा बारिश का गणित
इस साल मानसून की शुरुआत मध्य प्रदेश के लिए कुछ कमजोर रही। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई में बारिश के कुछ दौर सक्रिय हुए, लेकिन मानसून ब्रेक के कारण कई दिन अपेक्षाकृत सूखे रहे। जुलाई में भी सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।
बाद के महीनों में बारिश ने रफ्तार पकड़ी और कमी काफी हद तक कम हुई, लेकिन जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। यही वजह है कि मानसून के अंतिम दिनों में अच्छी बारिश के बावजूद प्रदेश का कुल आंकड़ा अभी सामान्य से नीचे है।
अब मानसून की विदाई से पहले हो रही बारिश से प्रदेश का कुल आंकड़ा सामान्य 37.3 इंच के और करीब पहुंच सकता है। हालांकि जिलावार स्थिति अलग-अलग बनी हुई है।

