ब्रेकिंग
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
Denva Post
सभी खबरें
भोपाल · 3 मिनट पहले

MP Weather Update: मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर जारी, 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में चक्रवात अर्नब के असर से 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट। 2 नवंबर तक बारिश की संभावना, पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री।

अशोक शर्मा
अशोक शर्मा
Sub Editor · 3 मिनट पहले
शेयर
MP Weather Update: मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर जारी, 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नब के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कहीं तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है तो कहीं आसमान में बादल छाए रहने से धूप नहीं निकल रही। मौसम विभाग ने 2 नवंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां जारी रहने की संभावना जताई है।

शुक्रवार को ग्वालियर, जबलपुर और रीवा समेत प्रदेश के 33 जिलों में आंधी और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, अन्य जिलों में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। गुरुवार को प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान करीब 2 डिग्री तक नीचे आया, जिससे दोपहर में भी हल्की ठंडक महसूस होने लगी है।

इन 33 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी और हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है।

दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, शाजापुर, देवास, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मौसम साफ रहने तथा धूप निकलने का अनुमान है।

बेमौसम बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता

चक्रवात के असर से हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पांढुर्णा मंडी में खुले में रखे मक्के के ढेर बारिश में भीग गए। इससे हजारों क्विंटल मक्का खराब होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। ऐसे में बारिश के कारण धान के दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।

रायसेन के दशहरा मैदान में धान लेकर पहुंचीं करीब 200 ट्रॉलियों के किसानों को भी बारिश के बीच अपनी उपज बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। गुरुवार को भोपाल, सागर, सिंगरौली, पांढुर्णा, मैहर, दमोह, सीहोर और नर्मदापुरम समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई।

हालांकि, इस बारिश से तुअर, कपास और संतरे की फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है। यानी बेमौसम बारिश का असर अलग-अलग फसलों पर अलग-अलग पड़ रहा है।

पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री

बारिश और बादलों की वजह से प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट आई है। गुरुवार रात पचमढ़ी प्रदेश के सबसे ठंडे स्थानों में रहा, जहां न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इसके अलावा नौगांव में 15.6, अमरकंटक में 16.1, खरगोन और दमोह में 17 तथा धार में 17.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम में आए इस बदलाव से आने वाले दिनों में रात की ठंड बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

3 अक्टूबर को विदा हुआ मानसून, फिर क्यों हो रही बारिश?

मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है। इसके बावजूद प्रदेश में बारिश जारी रहने की वजह बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात और अन्य मौसमी गतिविधियां हैं।

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिला है। इस बार भी अक्टूबर की शुरुआत में तेज धूप रही, जबकि रात के समय ठंडक और बीच-बीच में बारिश का दौर बना हुआ है।

मानसून सीजन में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश

इस साल जून से सितंबर के बीच मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह पूरे मानसून सीजन में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।

पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से 12 प्रतिशत कम रहा। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश होने का असर पूरे सीजन के आंकड़ों पर पड़ा। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, लेकिन बाद में मानसून की सक्रियता दो बार कमजोर पड़ गई।

25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 जिले पिछड़े

मानसून सीजन के दौरान प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया, जबकि 30 जिले सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे रह गए। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी अधिक दर्ज की गई।

आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल मिलाकर सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। हालांकि, पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा।

फिलहाल चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में गिरावट के साथ रात की ठंड भी बढ़ सकती है।

यह खबर शेयर करें
शेयर
ज़्यादा जानें
कोरियर सर्विस चुनें
नक्शे देखें
News