ब्रेकिंग
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026
Denva Post
सभी खबरें
नोएडा · 11 मिनट पहले

PNB घोटाले में बड़ा एक्शन: पूरी शाखा का स्टाफ निलंबित, 200 करोड़ से अधिक की हेराफेरी की आशंका; CBI ने शुरू की जांच

ग्रेटर नोएडा की PNB ऐच्छर शाखा में 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित हेराफेरी की आशंका। पूरा स्टाफ निलंबित, CBI जांच शुरू, 350 से अधिक खाताधारक प्रभावित।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 11 मिनट पहले
शेयर
PNB घोटाले में बड़ा एक्शन: पूरी शाखा का स्टाफ निलंबित, 200 करोड़ से अधिक की हेराफेरी की आशंका; CBI ने शुरू की जांच

नोएडा। ग्राहकों के बैंक खातों और एफडी से करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रेटर नोएडा के पाई-1, ऐच्छर गांव स्थित बैंक शाखा में तैनात पूरे मुख्य स्टाफ को निलंबित कर दिया गया है, जबकि कुछ कर्मचारियों का तबादला भी किया गया है। उधर, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती शिकायतों में करीब 35 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई थी, लेकिन अब प्रभावित खाताधारकों की संख्या 350 से अधिक और कथित हेराफेरी की रकम 200 करोड़ रुपये से ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है।

पीएनबी के दिल्ली-एनसीआर जोनल मैनेजर राजेश भौमिक ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शाखा के मुख्य स्टाफ पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने खाताधारकों को भरोसा दिलाया कि बैंक का कोई भी ग्राहक अपनी जमा पूंजी नहीं गंवाएगा। बैंक सभी प्रभावित ग्राहकों की पूरी रकम वापस करेगा। उनके अनुसार, बृहस्पतिवार को तीन खाताधारकों की रकम भी वापस की गई है। हालांकि, जांच और भुगतान की प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है।

CBI ने क्षेत्रीय कार्यालय से मांगा दो साल का रिकॉर्ड

मामले की जांच के लिए CBI ने बैंक के सेक्टर-1 स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से संबंधित खातों के लेनदेन का विवरण मांगा है। इसके साथ ही पिछले दो वर्षों में संबंधित शाखा में तैनात रहे अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी भी मांगी गई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि खातों से रकम निकालने या दूसरे खातों में स्थानांतरित करने में किन लोगों की भूमिका रही।

दूसरी ओर, बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW), मेरठ को सौंपने के लिए पत्र लिखा है। बैंक की साइबर टीम और सतर्कता विभाग की टीमें भी अपने स्तर पर जांच कर रही हैं। मुंबई और नोएडा स्थित बैंक के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।

350 से अधिक खाताधारक प्रभावित होने की आशंका

प्रारंभिक शिकायतों में करीब 35 करोड़ रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया था। अब जांच के दौरान 350 से अधिक खाताधारकों के प्रभावित होने और कुल रकम 200 करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस को संदेह है कि नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा पाने वाले किसानों और जमीन मालिकों के खातों को निशाना बनाया गया।

आरोप है कि खाताधारकों की जानकारी और अनुमति के बिना उनके बचत खातों तथा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से रकम निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई। जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि बैंक के कुछ कर्मचारी और प्रबंधक साइबर ठग गिरोह के संपर्क में हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी पुलिस या बैंक की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

बैंक लॉकर से सोने-चांदी के आभूषण गायब होने की शिकायत

मामले में अब बैंक लॉकर को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। एक खाताधारक ने आरोप लगाया है कि उनकी एफडी की रकम निकालने के साथ ही लॉकर में रखे सोने और चांदी के आभूषण भी गायब हैं। इससे ग्राहकों की चिंता और बढ़ गई है। अब जांच एजेंसियां बैंक खातों के साथ लॉकर से जुड़े रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल कर सकती हैं।

बैंक के बाहर खाताधारकों का धरना, पुलिस तैनात

बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे से ही बैंक शाखा में खाताधारकों की भीड़ जुटने लगी। लोग पासबुक में एंट्री कराने, एफडी की स्थिति जानने और खातों में शेष राशि की जानकारी लेने पहुंचे। स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर कई ग्राहकों की बैंक कर्मचारियों से बहस भी हुई।

नाराज खाताधारकों ने किसान संगठनों के साथ बैंक परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए बैंक के अंदर और बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए गार्डों की संख्या भी बढ़ाई गई है।

पांच बैंक अधिकारी भूमिगत, अग्रिम जमानत की तैयारी

मामले में बैंक के पांच अधिकारियों के नाम सामने आने के बाद उनके भूमिगत होने की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि ये अधिकारी गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत लेने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

एसीपी ग्रेटर नोएडा संचित शर्मा के मुताबिक, पुलिस मामले की जांच कर रही है। अब CBI, आर्थिक अपराध शाखा और बैंक की आंतरिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि करोड़ों रुपये की कथित हेराफेरी कैसे हुई, इसमें किन लोगों की भूमिका रही और ग्राहकों की जमा पूंजी को वापस दिलाने की प्रक्रिया किस तरह पूरी होगी।

यह खबर शेयर करें
शेयर