जनता की जान से खिलवाड़! PWD और बेपरवाह ठेकेदार की नाकामी माखननगर में बनी 'हादसों की सड़क'
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने फिर हुआ हादसे जैसा घटनाक्रम, खाली जगह पर बैरिकेडिंग नहीं होने से वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी


माखननगर। नगर में बन रही सड़क अब लोगों की सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बनती जा रही है। सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजामों की कमी अब वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन रही है। सवाल यह है कि सड़क निर्माण की जिम्मेदारी संभाल रहे ठेकेदार और लोक निर्माण विभाग (PWD) आखिर कब जागेंगे? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी?
माखननगर में निर्माणाधीन सड़क पर आए दिन वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले सड़क के बीच डिवाइडर बनाने के लिए छोड़ी गई खाली जगह में एक ट्रक फंस गया था। अब ताजा मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने का है, जहां पचमढ़ी की ओर जा रहा एक वाहन सड़क के बीच छोड़ी गई खाली जगह में फंस गया। वाहन को निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। गनीमत रही कि इस दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
सड़क पर सुरक्षा इंतजाम नदारद!
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बावजूद सड़क पर छोड़ी गई खाली जगहों के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग या स्पष्ट चेतावनी संकेत नजर नहीं आने की शिकायत है। ऐसे में रात के समय या अपरिचित रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ सकता है। सड़क निर्माण के दौरान अधूरे हिस्सों को सुरक्षित रखना, खतरनाक स्थानों पर बैरिकेड लगाना और वाहन चालकों को पहले से सतर्क करना जरूरी है।
ठेकेदार की जिम्मेदारी या PWD की निगरानी पर सवाल?
अब सवाल उठ रहे हैं कि निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार ने सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित क्यों नहीं की और संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां है? यदि एक ही स्थान पर बार-बार वाहन फंसने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, तो इसे केवल वाहन चालकों की परेशानी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करना और खतरनाक जगहों को तत्काल सुरक्षित करना जरूरी है।
क्या बड़े हादसे का इंतजार कर रहे जिम्मेदार?
माखननगर के लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण करे, सड़क पर छोड़ी गई खाली जगहों के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग लगाए और स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं, ताकि किसी वाहन चालक की जान जोखिम में न पड़े।
अब देखना होगा कि ठेकेदार और PWD इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करते हैं या फिर वाहन चालकों को इसी तरह जोखिम उठाकर सड़क से गुजरना पड़ेगा।
