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शिवपुरी · 6 मिनट पहले

बदरवास में 300 क्विंटल सरकारी चावल जब्त, गोदाम सील; ट्रक भी पकड़ा

शिवपुरी के बदरवास में प्रशासन ने रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम से करीब 300 क्विंटल सरकारी चावल जब्त किया। गोदाम सील, ट्रक कब्जे में और आटा मिल से भी 8 क्विंटल चावल मिला।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 6 मिनट पहले
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बदरवास में 300 क्विंटल सरकारी चावल जब्त, गोदाम सील; ट्रक भी पकड़ा

शिवपुरी/बदरवास। शिवपुरी जिले के बदरवास में सरकारी खाद्यान्न के कथित अवैध भंडारण और परिवहन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त जांच टीम ने एक ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम से करीब 300 क्विंटल सरकारी चावल बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान चावल को ट्रक में लोड किए जाने की तैयारी होने की जानकारी सामने आई।

प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संबंधित गोदाम को सील कर दिया है। मौके से चावल से भरे ट्रक को भी जब्त किया गया है। वाहन को बदरवास थाना पुलिस की निगरानी में रखा गया है। मामले में रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के संचालक सचिन मंगल, पिता ब्रजेश मंगल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि बरामद चावल का स्रोत क्या है और सरकारी खाद्यान्न वहां किस आधार पर पहुंचा। इसके साथ ही भंडारण और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों तथा रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

सूचना मिलते ही गोदाम पहुंची संयुक्त जांच टीम

सरकारी चावल के कथित अवैध भंडारण की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की। तहसीलदार सचिन भार्गव के नेतृत्व में टीम रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम पहुंची।

जांच टीम में जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, सहायक आपूर्ति अधिकारी जसराम जाटव, जयदीप सिंह लोधी और कृषि उपज मंडी सचिव नरेंद्र जाटव शामिल रहे।

निरीक्षण के दौरान गोदाम में बड़ी मात्रा में चावल रखा मिला। अधिकारियों ने खाद्यान्न की जांच की। प्रशासन के अनुसार चावल सरकारी खाद्यान्न पाया गया। इसके बाद टीम ने मौके पर मौजूद चावल को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू की।

जांच में करीब 300 क्विंटल चावल बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

ट्रक में लोडिंग की तैयारी का दावा

प्रशासन के अनुसार जिस समय टीम गोदाम पहुंची, वहां चावल को ट्रक में भरकर ले जाने की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान ट्रक को भी जब्त कर लिया गया।

जब्त वाहन को बदरवास थाना पुलिस की निगरानी में रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि इससे मामले की आगे की जांच और खाद्यान्न के संभावित परिवहन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकेगी।

कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद ट्रक चालक हेमराज गुर्जर और मुकेश गुर्जर के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। प्रशासन की ओर से दोनों को जेल भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

आटा मिल में भी मिला 8 क्विंटल सरकारी चावल

प्रशासन की कार्रवाई केवल ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम तक सीमित नहीं रही। संयुक्त टीम ने स्टेशन रोड स्थित जय गुरुदेव आटा मिल का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान यहां करीब 8 क्विंटल सरकारी चावल मिलने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों ने चावल को अपने कब्जे में लेकर उसके सैंपल लिए हैं।

मिल में मिले खाद्यान्न के स्रोत और वहां उसके रखे जाने की स्थिति की भी जांच की जा रही है। संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी प्रशासन ने दी है।

सरकारी राशन के स्रोत की जांच शुरू

पूरे मामले में अब सबसे अहम सवाल यह है कि सरकारी चावल संबंधित ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम और आटा मिल तक कैसे पहुंचा। प्रशासन द्वारा खाद्यान्न के रिकॉर्ड, स्रोत, भंडारण और संभावित परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस भी मामले से जुड़े तथ्यों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेगी।

कलेक्टर ने कहा- शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा

मामले को लेकर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला खाद्यान्न जरूरतमंद परिवारों के लिए होता है। इसके अवैध भंडारण, हेराफेरी या अनधिकृत परिवहन से जुड़ी शिकायतों को प्रशासन गंभीरता से लेगा।

कलेक्टर ने कहा कि सरकारी राशन के परिवहन में किसी वाहन के इस्तेमाल की पुष्टि होने पर वाहन जब्ती सहित संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के बाद बढ़ी निगरानी

बदरवास में एक साथ ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम और आटा मिल में सरकारी चावल मिलने के बाद प्रशासन की कार्रवाई से सरकारी खाद्यान्न के भंडारण और परिवहन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

फिलहाल प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद खाद्यान्न वहां किस माध्यम से पहुंचा, इसके लिए कौन जिम्मेदार है और पूरे मामले में कितने लोगों की भूमिका सामने आती है।

प्रशासन ने सरकारी राशन की कालाबाजारी अथवा अनधिकृत भंडारण-परिवहन की शिकायतों पर आगे भी कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए हैं।

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