उज्जैन में सीवर के गंदे पानी में बैठ गए पार्षद, एक घंटे तक चला धरना; अधिकारी ने मांगी माफी
उज्जैन में पीपलीनाका-गढ़कालिका मार्ग पर सीवर के गंदे पानी से परेशान पार्षद हेमंत गहलोत पानी में बैठकर धरने पर उतरे। अधिकारी की माफी के बाद धरना समाप्त हुआ।


उज्जैन। शहर में सीवर के गंदे पानी की समस्या से परेशान लोगों की आवाज उठाने के लिए पार्षद हेमंत गहलोत अनोखे अंदाज में विरोध जताने सड़क पर उतर आए। पीपलीनाका से गढ़कालिका जाने वाली सड़क पर करीब एक महीने से सीवर का गंदा पानी जमा होने का आरोप लगाते हुए पार्षद खुद पानी में बैठकर धरने पर उतर गए। उनका आरोप था कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा था और संबंधित अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे थे। करीब एक घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद प्रभारी कार्यपालन यंत्री शिवम दुबे मौके पर पहुंचे और माफी मांगी। इसके बाद पार्षद ने अपना धरना समाप्त किया।
एक महीने से सड़क पर जमा था गंदा पानी
पीपलीनाका से गढ़कालिका जाने वाली सड़क पर सीवर का पानी जमा होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पार्षद हेमंत गहलोत का कहना था कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते समाधान नहीं किया।
अधिकारियों की कथित अनदेखी से नाराज पार्षद कुर्ता समेटकर सड़क पर जमा गंदे पानी में ही बैठ गए। धरने की सूचना मिलने पर नगर निगम के अपर आयुक्त पवन सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्षद को पानी से बाहर आकर बातचीत करने के लिए कहा और उनकी तबीयत खराब होने की आशंका भी जताई, लेकिन पार्षद अपनी मांग पर अड़े रहे।
हेमंत गहलोत ने मांग की कि संबंधित अधिकारी शिवम दुबे और साहिल मैदावाला मौके पर आकर जनता के सामने समस्या का जवाब दें। उनका आरोप था कि कई बार फोन करने के बावजूद अधिकारियों ने उनकी कॉल रिसीव नहीं की।
पानी निकालने पहुंची गाड़ी को भी रोका
धरने के दौरान नगर निगम की पानी निकालने वाली गाड़ी मौके पर पहुंची। हालांकि, पार्षद और स्थानीय लोगों ने अधिकारियों के आने तक पानी निकालने का काम शुरू नहीं करने दिया। उनका कहना था कि पहले जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचें और समस्या के संबंध में जवाब दें, उसके बाद ही कार्रवाई की जाए।
करीब एक घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान अपर आयुक्त पवन सिंह पार्षद को समझाने का प्रयास करते रहे। इसी बीच पार्षद ने अपने साथी से इस्तीफा लाने की बात भी कही और पद छोड़ने तक की चेतावनी दी। उनका विरोध सीवर की समस्या के साथ-साथ शिकायतों पर अधिकारियों की प्रतिक्रिया को लेकर भी था।
अधिकारी ने हाथ जोड़कर मांगी माफी, खत्म हुआ धरना
आखिरकार प्रभारी कार्यपालन यंत्री शिवम दुबे मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्षद हेमंत गहलोत से हाथ जोड़कर माफी मांगी, जिसके बाद पार्षद धरने से उठ गए। बताया गया कि सहायक यंत्री साहिल मैदावाला की तबीयत खराब होने के कारण वे मौके पर नहीं पहुंच सके।
जानकारी के अनुसार, सड़क से सीवर का गंदा पानी निकाल दिया गया है। हालांकि, इस घटनाक्रम ने नगर निगम की शिकायत निवारण व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं?
सड़क पर एक महीने तक सीवर का पानी जमा रहने और उसके बाद पार्षद को खुद पानी में बैठकर विरोध करना पड़े, यह स्थिति शहरी व्यवस्थाओं और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाती है। यदि समस्या की शिकायत समय रहते सुनी जाती और संबंधित विभाग कार्रवाई करता, तो संभवतः इस तरह के विरोध की नौबत नहीं आती।
