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उज्जैन · 11 मिनट पहले

महाकाल का गणेश स्वरूप में हुआ दिव्य शृंगार, भस्म आरती में गूंजा जय श्री महाकाल

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में अश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर बाबा महाकाल का गणेश स्वरूप में विशेष शृंगार हुआ। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 11 मिनट पहले
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महाकाल का गणेश स्वरूप में हुआ दिव्य शृंगार, भस्म आरती में गूंजा जय श्री महाकाल

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार को अश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के अवसर पर बाबा महाकाल की भस्म आरती विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक किया गया और विशेष शृंगार के बाद उन्हें भस्म अर्पित की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए।

भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए और लगातार ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष करते रहे।

चतुर्थी और बुधवार के संयोग में गणेश स्वरूप में सजे बाबा महाकाल

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, अश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी और बुधवार के विशेष संयोग को देखते हुए बाबा महाकाल का श्री गणेश स्वरूप में विशेष शृंगार किया गया।

भस्म आरती के लिए सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया। इसके बाद बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से तैयार पंचामृत से भगवान महाकाल का अभिषेक किया गया।

इसके बाद प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के पश्चात बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और मुंड माला धारण कराई गई। विशेष शृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई।

भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

बाबा महाकाल के मनोहारी गणेश स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भक्तों ने आशीर्वाद प्राप्त किया और बाबा महाकाल की भक्ति में लीन नजर आए।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पित किए जाने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यही कारण है कि महाकाल की भस्म आरती को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है।

शरद पूर्णिमा तक लागू रहेगा आरती का संशोधित समय

महाकालेश्वर मंदिर में आरतियों का संशोधित समय आश्विन मास की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा तक प्रभावी रहेगा।

आरती का समय:

भस्म आरती: सुबह 4:00 से 6:00 बजे तक

दद्योदक आरती: सुबह 7:00 से 7:45 बजे तक

भोग आरती: सुबह 10:00 से 10:45 बजे तक

संध्या पूजन: शाम 5:00 से 5:45 बजे तक

संध्या आरती: शाम 7:00 से 7:45 बजे तक

शयन आरती: रात 10:30 से 11:00 बजे तक

बाबा महाकाल के गणेश स्वरूप के दिव्य दर्शन और भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

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