महाकाल की नगरी में आस्था का सैलाब! 8 दिन में 29.28 लाख श्रद्धालु पहुंचे उज्जैन, 3 अगस्त को टूटा रिकॉर्ड
उज्जैन महाकाल मंदिर में श्रावण मास के दौरान 8 दिनों में 29,28,349 श्रद्धालु पहुंचे। 3 अगस्त को 6,13,849 भक्तों ने दर्शन किए, जो सबसे बड़ा आंकड़ा रहा।


उज्जैन। देवाधिदेव बाबा महाकाल की नगरी में इस बार श्रावण मास के दौरान आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि उज्जैन में हर तरफ श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह की भस्म आरती से लेकर रात की शयन आरती तक भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर समिति के आंकड़ों के मुताबिक 30 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक महज आठ दिनों में 29,28,349 श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे।
करीब 30 लाख श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने से शहर में धार्मिक उत्साह के साथ-साथ प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन की बड़ी चुनौती रही। मंदिर परिसर से लेकर प्रमुख मार्गों तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
3 अगस्त को बना सबसे बड़ा रिकॉर्ड
श्रावण मास के दौरान 3 अगस्त 2026 सबसे अधिक भीड़ वाला दिन रहा। मंदिर समिति के अनुसार इस दिन 6,13,849 श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। भारी भीड़ के कारण दर्शनार्थियों की कतार करीब चार किलोमीटर तक पहुंच गई।
इसके बाद 2 अगस्त को 4,76,109 और 1 अगस्त को 4,19,732 श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंचे। सप्ताहांत और महाकाल की सवारी के कारण इन दिनों उज्जैन में भक्तों की संख्या में अचानक बड़ा इजाफा देखने को मिला।
जानिए किस दिन कितने श्रद्धालु पहुंचे
तारीख दिन श्रद्धालुओं की संख्या विशेषता
30 जुलाई 2026 गुरुवार 2,23,542 श्रावण का गुरुवार
31 जुलाई 2026 शुक्रवार 2,79,841 सप्ताहांत की शुरुआत
1 अगस्त 2026 शनिवार 4,19,732 भीड़ में बड़ा इजाफा
2 अगस्त 2026 रविवार 4,76,109 महाकाल की सवारी का दिन
3 अगस्त 2026 सोमवार 6,13,849 रिकॉर्ड भीड़
4 अगस्त 2026 मंगलवार 3,17,331 भादो की शुरुआत
5 अगस्त 2026 बुधवार 2,97,649 सामान्य दिन
6 अगस्त 2026 गुरुवार 3,00,296 लगातार श्रद्धालुओं की भीड़
कुल 8 दिन 29,28,349 करीब 30 लाख
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहा है। कलेक्टर और एसपी स्तर के अधिकारी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बैरिकेडिंग, पुलिस बल, मेडिकल कैंप, पेयजल व्यवस्था और खोया-पाया केंद्र बनाए गए हैं।
मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए चार प्रवेश द्वारों से व्यवस्था संचालित की जा रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार तैनात हैं।
राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से भी पहुंच रहे भक्त
बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। धार्मिक आस्था की इस भीड़ में विदेशों से आने वाले श्रद्धालु भी शामिल हैं।
उज्जैन की सड़कों से लेकर महाकाल मंदिर परिसर तक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। हर तरफ 'जय श्री महाकाल' के जयकारे और डमरू की गूंज सुनाई दे रही है।
आस्था के केंद्र में बाबा महाकाल
श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना का विशेष महीना माना जाता है। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। मंदिर से जुड़े पुजारियों के अनुसार सावन में बाबा महाकाल के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यही आस्था हर साल लाखों भक्तों को उज्जैन खींच लाती है।
आठ दिनों में 29 लाख 28 हजार 349 श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचना इस बात का संकेत है कि बाबा महाकाल के प्रति भक्तों की आस्था लगातार मजबूत हो रही है। आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना के चलते प्रशासन की चुनौती भी बढ़ सकती है।
