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सिवनी मालवा · 5 मिनट पहले

नरवाई जलाने पर प्रशासन सख्त: सिवनी मालवा के तीन गांवों में खेतों में मिली आग, जुर्माना और FIR के निर्देश

सिवनी मालवा में एसडीएम विजय राय के औचक निरीक्षण में भांगिया, बनाड़ा और हरपालपुर के खेतों में नरवाई जलती मिली। दोषियों पर जुर्माना और एफआईआर के निर्देश दिए गए।

गोविंद यादव
गोविंद यादव
Reporter · 5 मिनट पहले
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नरवाई जलाने पर प्रशासन सख्त: सिवनी मालवा के तीन गांवों में खेतों में मिली आग, जुर्माना और FIR के निर्देश

नर्मदापुरम। जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। सिवनी मालवा अनुविभाग में एसडीएम विजय राय के औचक निरीक्षण के दौरान भांगिया, बनाड़ा और हरपालपुर के खेतों में नरवाई जलाए जाने के मामले सामने आए। इस पर संबंधित अधिकारियों को दोषी व्यक्तियों के खिलाफ जुर्माना लगाने और एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर नर्मदापुरम के मार्गदर्शन में जिले में नरवाई प्रबंधन के लिए कार्ययोजना के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खेतों में फसल अवशेष जलाने और नरवाई प्रबंधन संबंधी प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छह गांवों में एसडीएम ने किया औचक निरीक्षण

गुरुवार को एसडीएम सिवनी मालवा विजय राय ने तोरनिया, रूपादेह, बनाड़ा, भांगिया, हरपालपुर और रेहड़ा सहित विभिन्न गांवों का औचक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में नरवाई प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया और किसानों को फसल अवशेषों के सुरक्षित निपटान के लिए जागरूक किया।

निरीक्षण के दौरान ग्राम भांगिया, बनाड़ा और हरपालपुर के खेतों में नरवाई में आग लगाई जाना पाया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने संबंधित हल्का पटवारी, पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक (जीआरएस) और ग्राम सेवक को दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल जुर्माना अधिरोपित करने तथा एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बनाड़ा में मल्चर और बेलर से हो रहा नरवाई प्रबंधन

निरीक्षण के दौरान ग्राम बनाड़ा में कृषक अशोक पटेल और आसपास के किसानों द्वारा मल्चर, बेलर सहित अन्य कृषि यंत्रों की मदद से नरवाई प्रबंधन किया जा रहा था। मौके पर पहुंचकर एसडीएम ने किसानों के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य किसानों को भी इन वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

प्रशासन का उद्देश्य किसानों को नरवाई जलाने के बजाय कृषि यंत्रों और अन्य वैज्ञानिक उपायों से फसल अवशेषों का प्रबंधन करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

बिना SMS अटैचमेंट वाले हार्वेस्टरों पर भी कार्रवाई के निर्देश

प्रशासन ने पहले ही नरवाई जलाने और उसके उचित प्रबंधन में लापरवाही करने वालों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) अटैचमेंट के बिना चलने वाले हार्वेस्टरों के विरुद्ध भी दंडात्मक कार्रवाई और जुर्माने के निर्देश दिए गए हैं।

इस संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों में नरवाई प्रबंधन के नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

किसानों से नरवाई नहीं जलाने की अपील

प्रशासन ने क्षेत्र के किसानों से अपील की है कि वे फसल कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई को आग लगाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी और एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।

नरवाई प्रबंधन को लेकर प्रशासन की इस सख्ती से स्पष्ट है कि खेतों में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अब औचक निरीक्षण के साथ जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।

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