त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की सख्ती, इटारसी में तेल और किराना दुकानों से लिए 8 नमूने
त्योहारों से पहले इटारसी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने तेल निर्माताओं, विक्रेताओं और किराना दुकानों का निरीक्षण किया। सोयाबीन व सरसों तेल सहित 8 नमूने लिए और चलित प्रयोगशाला में 35 नमूनों की जांच की।


इटारसी। त्योहारों के दौरान मिलावटी और गुणवत्ताहीन खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जिले में विशेष जांच अभियान शुरू किया है। कलेक्टर आशीष वशिष्ठ के निर्देश पर शुक्रवार को इटारसी में तेल निर्माताओं, विक्रेताओं और किराना दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान सोयाबीन और सरसों तेल सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के 8 नमूने जांच के लिए एकत्रित किए गए। वहीं, चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से 35 नमूनों की मौके पर जांच भी की गई।
सोयाबीन और सरसों तेल के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे
खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश एस. दियावार और बी.एस. धाकड़ ने इटारसी में खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मेहमान सोयाबीन तेल, गंगाधारा सोयाबीन तेल, शुभ मंगल सोयाबीन तेल और सरसों तेल सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।
संदेह के आधार पर एकत्रित किए गए सभी 8 नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण प्रस्तावित किए जाएंगे।
चलित खाद्य प्रयोगशाला में 35 नमूनों की जांच
विशेष अभियान के तहत चलित खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। इसमें तेल, मसाले, मिठाई सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के 35 नमूनों की जांच की गई।
इस पहल का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के प्रति उपभोक्ताओं को जागरूक करना और सुरक्षित खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों, खाद्य तेलों और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने के कारण ऐसे निरीक्षण महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
खाद्य कारोबारियों को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दुकानदारों और अन्य खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच और औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना और खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका पर प्रभावी निगरानी रखना है। नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में आगे की कार्रवाई तय होगी।
