IAS पवन कुमार जैन बने भिंड के नए कलेक्टर, इंदौर में दिव्यांग युवक से कथित दुर्व्यवहार समेत इन मामलों में रहे चर्चा में
मध्य प्रदेश में IAS पवन कुमार जैन को भिंड का नया कलेक्टर बनाया गया है। जानिए इंदौर में दिव्यांग युवक से कथित दुर्व्यवहार, बैतूल भूमि हस्तांतरण और EOW जांच से जुड़े मामले।


भोपाल/भिंड। मध्य प्रदेश में 23 आईएएस अधिकारियों के तबादलों के बीच 2013 बैच के आईएएस अधिकारी पवन कुमार जैन को भिंड जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे इंदौर में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ थे। अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान वे इंदौर में जनसुनवाई के दौरान एक दिव्यांग युवक से कथित दुर्व्यवहार, बैतूल में आदिवासी भूमि हस्तांतरण की अनुमति और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की जांच से जुड़े मामले को लेकर चर्चा में रहे हैं।
भिंड कलेक्टर की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने और आमजन की समस्याओं का निराकरण करने की जिम्मेदारी उनके सामने होगी।
दिव्यांग युवक से कथित दुर्व्यवहार के बाद हटाए गए थे
पवन कुमार जैन इंदौर में अपर कलेक्टर रहते हुए जनसुनवाई के दौरान दिव्यांग युवक सोनू पाठक से कथित दुर्व्यवहार के मामले में चर्चा में आए थे। बताया गया था कि युवक अपने दादा के मकान को अपने नाम कराने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था।
मामले के सामने आए विवरण के अनुसार, जनसुनवाई के दौरान युवक के मोबाइल का एक हिस्सा उछलकर अधिकारी के मुंह पर लग गया था। इसके बाद अधिकारी पर युवक के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल करने और दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे थे। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद पवन जैन को इंदौर में अपर कलेक्टर के पद से हटाकर मंत्रालय में अटैच कर दिया गया था।
बैतूल में आदिवासी जमीन हस्तांतरण की अनुमति पर भी उठे थे सवाल
पवन कुमार जैन का नाम बैतूल में एसडीएम के रूप में पदस्थापना के दौरान आदिवासी भूमि के हस्तांतरण से जुड़े मामले में भी सामने आया था। आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने नियमों के विपरीत आदिवासियों की जमीन सामान्य वर्ग के लोगों को हस्तांतरित करने की अनुमति दी थी।
इस प्रकरण को लेकर कार्रवाई और पद से हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। हालांकि, इस मामले में आरोपों और अंतिम प्रशासनिक या न्यायिक निष्कर्षों के बीच अंतर करना जरूरी है। उपलब्ध विवरण के आधार पर आरोपों को अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
सांवेर कॉलोनी मामले में EOW जांच का भी हुआ था जिक्र
पवन जैन से जुड़ा एक अन्य मामला इंदौर के सांवेर क्षेत्र की एक कॉलोनी में विकास कार्यों और बंधक प्लॉट मुक्त करने से संबंधित बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सांवेर निवासी सैफुद्दीन ने वर्ष 2015 में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में तत्कालीन एडीओ राजस्व पवन जैन पर पद के दुरुपयोग और अन्य लोगों के साथ मिलीभगत कर कम पर्यवेक्षण शुल्क जमा कराने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, कॉलोनी के आंतरिक विकास कार्य पूरे होने से पहले ही बंधक प्लॉट मुक्त कर दिए गए, जिससे शासन को करीब एक करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई थी।
इस मामले में EOW की जांच और अभियोजन स्वीकृति मांगे जाने का भी उल्लेख सामने आया था। हालांकि, जांच की वर्तमान स्थिति और किसी अंतिम निष्कर्ष की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इन आरोपों को सिद्ध नहीं माना जा सकता।
टीकमगढ़ के रहने वाले हैं IAS पवन कुमार जैन
पवन कुमार जैन मूल रूप से मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ के निवासी हैं। उनका जन्म 1 जुलाई 1971 को हुआ था। उन्होंने भौतिक शास्त्र में एमएससी की पढ़ाई की है। वे राज्य प्रशासनिक सेवा में अधिकारी रहे और पदोन्नति के माध्यम से वर्ष 2013 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल हुए।
वे मंत्रालय में सहकारिता विभाग के उप सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अब उन्हें भिंड जिले का कलेक्टर बनाया गया है।
भिंड में प्रशासनिक चुनौतियों पर रहेगी नजर
नए कलेक्टर के रूप में पवन कुमार जैन के सामने जिले की कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व संबंधी मामलों और आमजन की शिकायतों के निराकरण जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी। प्रशासनिक स्तर पर उनकी कार्यशैली और जिले में विकास कार्यों की प्रगति पर अब नजर रहेगी।
