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माखननगर · 22 मिनट पहले

माखननगर के चपलासर और आंखमऊ में लगी किसान खेत पाठशाला, किसानों को नरवाई नहीं जलाने के लिए किया प्रेरित

माखननगर की ग्राम पंचायत चपलासर और आंखमऊ में किसान खेत पाठशाला आयोजित हुई। किसानों को नरवाई नहीं जलाने, आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग और वैज्ञानिक नरवाई प्रबंधन की जानकारी दी गई।

गोविंद यादव
गोविंद यादव
Reporter · 22 मिनट पहले
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माखननगर के चपलासर और आंखमऊ में लगी किसान खेत पाठशाला, किसानों को नरवाई नहीं जलाने के लिए किया प्रेरित

माखननगर। फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने की समस्या पर अंकुश लगाने और किसानों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 16 अक्टूबर 2026 को जनपद पंचायत माखननगर की ग्राम पंचायत चपलासर और आंखमऊ में ‘किसान खेत पाठशाला’ का आयोजन किया गया। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, जिला नर्मदापुरम के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम ‘नरवाई प्रबंधन हेतु प्रेरणा अभियान’ के अंतर्गत हुआ। इसमें किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान और उसके वैज्ञानिक प्रबंधन के उपायों की जानकारी दी गई।

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नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता पर पड़ता है असर

किसान खेत पाठशाला में कृषि विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि फसल अवशेषों को खेत में जलाने से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इससे मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीवों और मित्र कीटों को नुकसान पहुंचता है। साथ ही वायु प्रदूषण बढ़ने से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

विशेषज्ञों ने किसानों को समझाया कि नरवाई जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करना खेती और पर्यावरण, दोनों के लिए लाभकारी है। इससे खेत की मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और कृषि भूमि के बेहतर उपयोग में मदद मिल सकती है।

किसानों ने लिया नरवाई नहीं जलाने का संकल्प
किसानों ने लिया नरवाई नहीं जलाने का संकल्प

कृषि यंत्रों से नरवाई प्रबंधन की दी जानकारी

पाठशाला के दौरान किसानों को नरवाई प्रबंधन के आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराया गया। उन्हें हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रोटावेटर और रीपर जैसे कृषि यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही फसल अवशेषों को खेत में उचित तरीके से मिलाकर सड़ाने और जैविक खाद के रूप में उपयोग करने के विकल्पों पर भी चर्चा की गई।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि फसल अवशेषों का बेहतर उपयोग हो सके और खेतों में आग लगाने की जरूरत न पड़े।

किसानों ने लिया नरवाई नहीं जलाने का संकल्प

किसान खेत पाठशाला में किसानों ने कृषि विशेषज्ञों से खेती से जुड़े सवाल पूछे और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत चपलासर के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और स्थानीय किसानों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने पर्यावरण संरक्षण और भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए अपने खेतों में नरवाई नहीं जलाने का संकल्प लिया। साथ ही अन्य किसानों को भी नरवाई प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने के लिए जागरूक करने की बात कही।

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