शिवराज चौहान का INDIA गठबंधन पर हमला, बोले- ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ नहीं, ‘सेव द फैमिली मार्च’
शिवराज सिंह चौहान ने INDIA गठबंधन की बैठक और ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने गठबंधन की एकजुटता और नेतृत्व पर सवाल उठाए।


नई दिल्ली। INDIA गठबंधन की बैठक और 2 से 8 अक्टूबर तक प्रस्तावित ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाते हुए कहा कि INDIA गठबंधन बैठक से पहले ही बिखरा हुआ नजर आ रहा था।
हालांकि, INDIA गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ और 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक मार्च की घोषणा की।
‘गठबंधन बिखरा हुआ नजर आ रहा था’
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लगातार चुनावी हार के बाद कांग्रेस को अपनी गलतियों पर आत्ममंथन करना चाहिए था, लेकिन उनके अनुसार पार्टी ऐसा करने के बजाय भ्रम और आरोपों की राजनीति कर रही है।
उन्होंने INDIA गठबंधन की बैठक में विभिन्न दलों की भागीदारी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनावी परिस्थितियों के बीच समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव बैठक में नहीं थे। उन्होंने डीएमके, आम आदमी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) और हेमंत सोरेन की भागीदारी को लेकर भी सवाल उठाए।
चौहान ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन के सहयोगी राहुल गांधी के नेतृत्व को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
‘एक दिल के हजार टुकड़े’
केंद्रीय मंत्री ने INDIA गठबंधन की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसकी हालत “एक दिल के हजार टुकड़े” जैसी हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन के घटक दलों के बीच नेतृत्व और रणनीति को लेकर मतभेद हैं।
उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में राहुल गांधी के कथित तौर पर “मुझ पर भरोसा कीजिए” कहने का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इससे कांग्रेस के भीतर भी नेतृत्व को लेकर सवाल सामने आते हैं।
‘हार के लिए पहले से बहाने तलाश रहे’
चौहान ने विपक्षी गठबंधन के प्रस्तावित आंदोलन पर कहा कि उन्हें लगता है कि आगामी चुनावों से पहले ही विपक्ष अपनी संभावित चुनावी हार के लिए आधार तैयार कर रहा है। उन्होंने INDIA गठबंधन की बैठक को “शून्य विजन और 100 प्रतिशत निराशा” वाला बताया और आरोप लगाया कि विपक्ष पहले से ही हार के बहाने तलाश रहा है।
‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च पर भी निशाना
शिवराज सिंह चौहान ने 2 से 8 अक्टूबर तक प्रस्तावित ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ को लेकर कहा कि यह लोकतंत्र बचाने का मार्च नहीं, बल्कि “सेव द फैमिली मार्च” है। उन्होंने कांग्रेस पर परिवारवाद की राजनीति करने और चुनावी असफलताओं का आत्ममंथन करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
दूसरी ओर, INDIA गठबंधन ने अपने घोषित कार्यक्रम को मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों के विरोध से जोड़ा है। गठबंधन के अनुसार 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर मार्च और प्रदर्शन होंगे तथा 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद चुनाव आयोग की ओर मार्च करेंगे।
विपक्ष ने बताया साझा आंदोलन
INDIA गठबंधन की बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्षी दल इन मुद्दों पर संयुक्त रूप से आंदोलन करेंगे। गठबंधन ने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी आपत्तियां रखने के साथ आगे राष्ट्रपति से मुलाकात और बड़े स्तर पर रैलियां आयोजित करने का भी कार्यक्रम बताया है।
इस तरह एक ओर विपक्षी गठबंधन ने SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर संयुक्त आंदोलन का ऐलान किया है, वहीं भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने गठबंधन की एकता, नेतृत्व और आंदोलन के उद्देश्य पर सवाल उठाए हैं।

