रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या में नया खुलासा, केयरटेकर ने गैस पाइप काटकर घर में आग लगाने की कोशिश की
रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है। मुख्य संदिग्ध केयरटेकर वरुण कुमार पर घर में आग लगाने की कोशिश का भी आरोप है।


भोपाल। मध्यप्रदेश कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद फरार हुए मुख्य संदिग्ध केयरटेकर वरुण कुमार ने घर में आग लगाने की कोशिश की थी। फोरेंसिक जांच के दौरान मौके से गैस पाइप और इलेक्ट्रिक आयरन से आग लगाने की कोशिश के संकेत मिले हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने गैस सिलेंडर की पाइप काटकर उसे गर्म इलेक्ट्रिक आयरन के पास रख दिया था। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने घर में आग लगाने की कोशिश क्यों की और उसका उद्देश्य क्या था।
हत्या से तीन दिन पहले ही नौकरी पर आया था वरुण
करीब 33 वर्षीय वरुण कुमार को 70 वर्षीय राकेश अग्रवाल की देखभाल के लिए एक एजेंसी के माध्यम से घटना से महज तीन दिन पहले ही नौकरी पर रखा गया था। राकेश अग्रवाल मध्यप्रदेश कैडर के 1982 बैच के IAS अधिकारी थे। अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने जिला कलेक्टर और प्रमुख सचिव सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली थी।
पुलिस के मुताबिक मंगलवार देर रात करीब 12 बजे जब राकेश अग्रवाल घर में सो रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया। घटनास्थल पर संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, फोरेंसिक टीम की जांच में घर में आग लगाने की कोशिश के संकेत सामने आए हैं।
हत्या के बाद मोबाइल लेकर भागने की आशंका
पुलिस को आशंका है कि वारदात के बाद आरोपी राकेश अग्रवाल का मोबाइल फोन भी अपने साथ लेकर फरार हुआ। जांच टीम ने CCTV फुटेज और मोबाइल सिग्नल के आधार पर आरोपी की गतिविधियों को ट्रैक करने की कोशिश की।
पुलिस जांच में सामने आया है कि वरुण मोटरसाइकिल से एक अन्य व्यक्ति के साथ गया और बाद में भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचा। उसे सुबह करीब 4:12 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सवार होते हुए देखा गया। इसके बाद उसके सागर जिले के बीना रेलवे स्टेशन और ग्वालियर में भी दिखाई देने की जानकारी पुलिस को मिली है।
तीन से चार पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में
वरुण की गिरफ्तारी को लेकर सामने आई कुछ खबरों का पुलिस ने खंडन किया है। TT नगर एसीपी अंकिता खटारकर ने वरुण के आगरा में पकड़े जाने की खबरों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की तीन से चार टीमें मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भेजी गई हैं।
पुलिस विशेष रूप से रेलवे स्टेशनों और संभावित ठिकानों पर आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक वरुण कुमार मूल रूप से पंजाब के पटियाला जिले के नाभा का रहने वाला है।
घर में CCTV नहीं, आसपास के कैमरों से जुटाए जा रहे सुराग
राकेश अग्रवाल का सूरज नगर स्थित मकान करीब 7 से 8 हजार वर्गफीट में फैला हुआ है। घर के भीतर CCTV कैमरे नहीं लगे थे। ऐसे में पुलिस आसपास की सड़कों, पड़ोसी परिसरों और अन्य स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी के भागने के पूरे रास्ते का पता लगाया जा सके।
पुलिस CCTV फुटेज, मोबाइल सिग्नल, रेलवे स्टेशनों पर मिले सुराग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को आपस में जोड़कर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
बेटे के अमेरिका से लौटने के बाद होगा अंतिम संस्कार
राकेश अग्रवाल के परिवार में उनकी पत्नी और अमेरिका में रहने वाला एक बेटा है। परिवार के मुताबिक बेटे के अमेरिका से लौटने के बाद शनिवार को भोपाल में राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस फरार केयरटेकर वरुण कुमार की गिरफ्तारी और हत्या के पीछे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने पर है।

