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पिपरिया · 9 मिनट पहले

पिपरिया में शराब ठेकेदार के कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप, टीआई लाइन अटैच

पिपरिया में युवक से मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद चार लोगों पर केस दर्ज हुआ। युवक पर उसी दिन 7 बोतल शराब का आबकारी केस भी दर्ज था। टीआई लाइन अटैच।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 9 मिनट पहले
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पिपरिया में शराब ठेकेदार के कर्मचारियों पर मारपीट का आरोप, टीआई लाइन अटैच

नर्मदापुरम/पिपरिया। पिपरिया में शराब ठेकेदार से जुड़े बताए जा रहे लोगों पर एक युवक को रास्ते में रोककर जबरन गाड़ी में बैठाने और मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो दो दिन बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद स्टेशन रोड थाना पुलिस ने युवक की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ रास्ता रोकने, मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब सामने आया कि जिस युवक ने मारपीट की शिकायत की है, उसके खिलाफ घटना वाले दिन ही सात बोतल शराब रखने के आरोप में आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। अब पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्टेशन रोड थाना प्रभारी मदन पवार को लाइन अटैच किया गया है। पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा ने दोनों प्रकरणों की जांच शुरू कराई है।

वायरल वीडियो में युवक से मारपीट का आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोग एक युवक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में युवक से उसके पास रखी शराब की बोतलों को लेकर पूछताछ की जा रही है। एक व्यक्ति युवक को थप्पड़ मारता हुआ भी दिखाई देता है।

वीडियो में युवक यह कहते हुए नजर आता है कि वह शराब बेचने के लिए नहीं, बल्कि पीने के लिए चार बोतल लेकर जा रहा था। उसका यह भी कहना है कि तीन बोतलें उसके साथी की हैं।

वीडियो सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और युवक बृजेश कहार की शिकायत पर कार्रवाई की गई।

युवक ने बताया—रास्ते में रोका, बैग चेक किया और गाड़ी में बैठाया

रामनगर कॉलोनी, पिपरिया निवासी बृजेश कहार ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वह 23 सितंबर की शाम करीब 5 बजे शोभापुर कलारी से अंग्रेजी शराब की बोतलें लेकर पिट्ठू बैग में घर लौट रहा था।

बृजेश के मुताबिक, तरौन रोड पर महेश दुधानी के वेयरहाउस के पास एक सफेद रंग की बोलेरो उसके सामने आकर रुकी। वाहन से चार लोग उतरे और उसका बैग चेक करने लगे। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ गाली-गलौज की गई और बाद में उसे जबरन बोलेरो में बैठा लिया गया।

युवक का आरोप है कि गाड़ी में उसके साथ हाथ-मुक्कों और थप्पड़ों से मारपीट की गई। उसने मारपीट करने वालों की पहचान गब्बर, शशि, रोहित और राजू के रूप में बताई है।

सातों बोतलें अपनी बताने का बनाया दबाव?

शिकायत के मुताबिक, युवक से उसके पास मिली शराब की सभी सात बोतलों को अपनी बताने के लिए दबाव बनाया गया। वायरल वीडियो में भी शराब की बोतलों को लेकर युवक से सवाल-जवाब किए जाते दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली पूरी घटना और उसके संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

उसी दिन युवक पर सात बोतल शराब का केस

इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि बृजेश कहार के खिलाफ 23 सितंबर को ही सात बोतल शराब रखने के आरोप में आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शराब जब्ती का स्थान मोकलवाड़ी बनवारी के पास और समय शाम करीब 5.55 बजे दर्ज है। वहीं बृजेश ने मारपीट की घटना का समय करीब 5 बजे और स्थान तरौन कला रोड बताया है।

यानी एक ही दिन में युवक के खिलाफ आबकारी कार्रवाई और उसके साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई है। अब पुलिस के सामने यह भी जांच का विषय है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध था या नहीं।

थाना प्रभारी का पक्ष—मुखबिर की सूचना पर पकड़ा था

स्टेशन रोड थाना प्रभारी मदन पवार के अनुसार, बृजेश को मुखबिर की सूचना के आधार पर पकड़ा गया था और उसके पास सात बोतल शराब मिली थीं। थाना प्रभारी का कहना है कि उस समय बृजेश ने पुलिस को अपने साथ मारपीट किए जाने की जानकारी नहीं दी थी।

उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद मारपीट के संबंध में शिकायत मिली, जिसके आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आबकारी एक्ट में दर्ज प्रकरण की भी जांच की जाएगी।

ठेकेदार के कर्मचारियों पर पहले भी लग चुके हैं आरोप

यह पहला मामला नहीं है, जब शराब ठेकेदार से जुड़े बताए जा रहे लोगों पर रास्ते में लोगों को रोकने और मारपीट के आरोप सामने आए हों।

19 जुलाई को भी शोभापुर से शराब खरीदकर पिपरिया जा रहे एक युवक को कथित तौर पर रास्ते से उठाकर बंधक बनाने और मारपीट करने का मामला सामने आया था।

आरोप था कि युवक को दो से तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और बाद में उसे पिपरिया के स्टेशन रोड थाने ले जाया गया। वहां आबकारी एक्ट का मामला बनाने के लिए दबाव डालने के आरोप भी लगाए गए थे।

मामला एसपी के संज्ञान में आने के बाद सोहागपुर थाने में अपहरण, मारपीट सहित अन्य धाराओं में सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस रिकॉर्ड में बलवीर सिंह रावत, गब्बर सिंह रावत, शशि सिंह, राजकुमार झरिया, रोहित मिश्रा, मनीष उर्फ देवेंद्र राय और शिवा यादव के नाम सामने आए थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इन लोगों को शराब ठेकेदार अटल राय से जुड़ा बताया गया था।

ठेकेदार ने कर्मचारियों से संबंध होने से किया इनकार

वर्तमान मामले में पुलिस की ओर से आरोपियों को शराब ठेकेदार अटल राय के कर्मचारी बताए जाने की बात सामने आई है। हालांकि ठेकेदार अटल राय ने इन लोगों को अपना कर्मचारी होने से इनकार किया है।

ऐसे में जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी होगा कि वीडियो में दिखाई देने वाले लोग कौन हैं और उनका शराब ठेकेदार अथवा शराब कारोबार से वास्तविक संबंध क्या है।

चार बोतल निजी उपयोग की सीमा को लेकर भी चर्चा

स्टेशन रोड थाना प्रभारी मदन पवार ने बताया कि आबकारी नियमों के अनुसार निजी उपयोग के लिए कोई व्यक्ति चार बोतल तक शराब खरीदकर ले जा सकता है। केवल चार बोतल होने की स्थिति में कार्रवाई का आधार नहीं बनता।

हालांकि बृजेश के खिलाफ दर्ज मामले में पुलिस ने सात बोतल शराब बरामद होने की बात कही है। इसलिए आबकारी प्रकरण की वैधता और घटनाक्रम की परिस्थितियां भी जांच का हिस्सा हैं।

शराब की कीमतों में अंतर का भी उठ रहा सवाल

मामले के बीच पिपरिया और आसपास के क्षेत्रों में शराब की कीमतों को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का दावा है कि पिपरिया और बनखेड़ी में शराब कई बार एमआरपी अथवा उससे अधिक कीमत पर मिलने की शिकायतें सामने आती हैं, जबकि करीब 12 किलोमीटर दूर शोभापुर में कुछ शराब अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिलने की बात कही जा रही है।

लोगों के मुताबिक कीमत में करीब 200 से 300 रुपये तक का अंतर होने के कारण कुछ लोग शोभापुर से शराब खरीदकर पिपरिया की ओर ले जाते हैं।

हालांकि इन कीमत संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक जांच की स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।

एसपी बोले—दोनों मामलों की जांच जारी

एसपी साई कृष्णा एस. थोटा ने बताया कि मारपीट का वीडियो सामने आया है और दोनों मामलों की जांच कराई जा रही है।

पुलिस अब वायरल वीडियो, युवक की शिकायत, आबकारी एक्ट में दर्ज प्रकरण और घटना से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि युवक के साथ हुई कथित मारपीट और उसके खिलाफ दर्ज आबकारी मामले के बीच कोई संबंध था या नहीं।

टीआई लाइन अटैच, जांच ने बढ़ाई जवाबदेही

मामले में स्टेशन रोड थाना प्रभारी मदन पवार को लाइन अटैच किया गया है। इसके साथ ही युवक के खिलाफ दर्ज आबकारी प्रकरण की जांच भी कराई जा रही है।

एसपी ने संकेत दिया है कि जांच में यदि शराब ठेकेदार की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल मामला सिर्फ वायरल वीडियो और एक शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ युवक के साथ कथित मारपीट की जांच हो रही है, तो दूसरी तरफ उसी दिन उसके खिलाफ दर्ज आबकारी प्रकरण भी जांच के दायरे में है।

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