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नेपाल बाढ़ · 2 मिनट पहले

नेपाल बाढ़ में कैलाश मानसरोवर के 77 यात्री संपर्क से बाहर

नेपाल में भीषण बाढ़ के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे ईशा फाउंडेशन के 77 यात्री संपर्क से बाहर हैं। सुबह 9:05 बजे ग्रुप लीडर से आखिरी बार बात हुई थी।

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समाचार डेस्क · 2 मिनट पहले
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नेपाल बाढ़ में कैलाश मानसरोवर के 77 यात्री संपर्क से बाहर

नेपाल बाढ़। नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे ईशा फाउंडेशन के Sacred Walks समूह के 77 यात्रियों से संपर्क टूट गया है। यह समूह यात्रा पूरी करने के बाद काठमांडू लौट रहा था। बुधवार सुबह करीब 9:05 बजे ग्रुप लीडर प्रवीण से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी, लेकिन करीब 10 मिनट बाद यात्रियों और ग्रुप लीडर से दोबारा संपर्क नहीं हो सका। बाढ़ के कारण क्षेत्र की संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके चलते यात्रियों की स्थिति को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।

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तिब्बती इमिग्रेशन सेंटर पहुंच चुका था समूह

ईशा Sacred Walks की कोऑर्डिनेटर मां गंभीरि के मुताबिक, 77 यात्रियों का यह समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर चुका था और तिब्बती इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद काठमांडू लौटने की तैयारी में था।

ग्रुप के सभी 77 यात्री इमिग्रेशन सेंटर तक पहुंच चुके थे। समूह की अगुवाई प्रवीण कर रहे थे। इसी दौरान इलाके में अचानक आई भीषण बाढ़ ने हालात बदल दिए।

9:05 बजे हुई आखिरी बातचीत, 10 मिनट बाद संपर्क टूटा

मां गंभीरि ने बताया कि ईशा टीम के एक सदस्य ने सुबह करीब 9:05 बजे ग्रुप लीडर प्रवीण से फोन पर बात की थी। उस समय तक सब कुछ सामान्य था और किसी तरह के खतरे की जानकारी नहीं मिली थी।

करीब 10 मिनट बाद जब दोबारा प्रवीण से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो फोन नहीं लगा। इसके बाद समूह के किसी अन्य सदस्य से भी संपर्क नहीं हो सका। ईशा फाउंडेशन के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि इन्हीं कुछ मिनटों के दौरान अचानक बाढ़ की घटना हुई।

Source: @ANI · View on X

अचानक आई बाढ़, पहले नहीं मिला था कोई अलर्ट

मां गंभीरि के मुताबिक, बातचीत के दौरान स्थिति पूरी तरह सामान्य थी। किसी तरह की आपात स्थिति या खतरे का संकेत नहीं मिला था। इसके बाद हालात अचानक बिगड़ गए।

बाढ़ की वजह से इलाके में सड़क, बिजली और संचार जैसी जरूरी व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं। स्थानीय स्तर पर संचार व्यवस्था ठप होने के कारण ईशा फाउंडेशन के लिए जमीन पर मौजूद यात्रियों और स्वयंसेवकों से संपर्क करना मुश्किल हो गया है।

77 यात्रियों में 53 भारतीय मूल के लोग

ईशा Sacred Walks की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 77 यात्रियों के इस समूह में 19 देशों के लोग शामिल थे। इनमें 53 लोग भारतीय मूल के बताए गए हैं। समूह में 50 से अधिक महिलाएं भी शामिल थीं।

यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि नेपाल में आई बाढ़ के बाद कई विदेशी पर्यटकों और कैलाश मानसरोवर यात्रियों के संपर्क में नहीं होने की खबरें सामने आई हैं।

अधिकारियों से जानकारी मिलने का इंतजार

ईशा फाउंडेशन ने कहा है कि वह स्थानीय अधिकारियों और बचाव दलों से लगातार जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है। संचार व्यवस्था बहाल होने के बाद यात्रियों की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है।

ईशा फाउंडेशन के अनुसार, इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए Sacred Walks के कुल 21 समूह गए हैं। इनमें कई समूह अपनी यात्रा पूरी कर सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि कुछ अभी यात्रा पर हैं और कुछ समूहों की यात्रा शुरू होनी बाकी है।

नेपाल में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान

नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। बाढ़ और मलबे ने कई इलाकों में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

फिलहाल 77 यात्रियों की वास्तविक स्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी है। ईशा फाउंडेशन और यात्रियों के परिजन अधिकारियों से आधिकारिक अपडेट का इंतजार कर रहे हैं।

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