6 अक्टूबर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस: नर्मदापुरम में 4.54 लाख से अधिक बच्चों-महिलाओं को दी जाएगी दवा
नर्मदापुरम में 6 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। 4,54,920 बच्चों, किशोरों और महिलाओं को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य है।


नर्मदापुरम। जिले में 6 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशानुसार आयोजित होने वाले इस अभियान में जिले के 4,54,920 लाभार्थियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरसिंह गेहलोत ने बताया कि अभियान का उद्देश्य बच्चों और किशोरों में कृमि संक्रमण की रोकथाम करना तथा उनके बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और शारीरिक विकास को सुनिश्चित करना है।
1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को दी जाएगी दवा
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 1 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों और किशोरों को कृमिनाशक दवा दी जाएगी। इसके साथ ही प्रजनन आयु वर्ग की महिलाओं को भी अभियान में शामिल किया गया है।
लाभार्थियों को दवा आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से खिलाई जाएगी। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
4.54 लाख से अधिक लाभार्थियों का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में कुल 4 लाख 54 हजार 920 लाभार्थियों को 6 अक्टूबर को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा है। अभियान के दौरान किसी कारण से दवा लेने से छूट जाने वाले पात्र लाभार्थियों के लिए 9 अक्टूबर को मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा छूटे हुए बच्चों और अन्य पात्र लाभार्थियों तक पहुंचकर उन्हें दवा खिलाई जाएगी।
कृमि संक्रमण से हो सकती है कमजोरी और एनीमिया
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शरीर में कृमि संक्रमण होने से बच्चों में पेट दर्द, भूख में कमी, कमजोरी और एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक संक्रमण रहने पर बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि नियमित रूप से कृमिनाशक दवा लेने के साथ स्वच्छता बनाए रखना और भोजन से पहले तथा शौचालय के बाद हाथ धोना कृमि संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्यकर्मियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण
अभियान को सफल बनाने के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों, स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजर और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मास्टर ट्रेनरों द्वारा संबंधित कर्मचारियों को अभियान की प्रक्रिया और दवा वितरण को लेकर आवश्यक जानकारी दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने पात्र बच्चों को निर्धारित तिथि पर कृमिनाशक दवा अवश्य दिलाएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

