नागद्वारी यात्रा शुरू: शिव भक्ति में डूबा पचमढ़ी, 17 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र
नर्मदापुरम में 10 दिवसीय नागद्वारी यात्रा शुरू हो गई है। 17 सेक्टर में बांटे मेला क्षेत्र में सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है।


नर्मदापुरम। भगवान शिव की भक्ति और आस्था से जुड़ी प्रसिद्ध 10 दिवसीय नागद्वारी यात्रा एवं मेले का शनिवार से शुभारंभ हो गया। नागद्वारी यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और मेला समिति ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और यातायात को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा और मेले के सुचारु संचालन के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 17 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा सेक्टर अधिकारियों की भी नियुक्ति की गई है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करेंगे।
24 घंटे निगरानी में रहेगा मेला क्षेत्र
मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने चक्रवार ड्यूटी व्यवस्था लागू की है। स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की निगरानी के लिए प्रभारी अधिकारी 24 घंटे मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगे।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर विभिन्न राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी भी मेला क्षेत्र में लगाई गई है। प्रशासन का उद्देश्य यात्रा के दौरान आने वाली भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
घुमावदार मार्ग पर लंबी बसों की एंट्री पर रोक
नागद्वारी मेले के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सावधानी बरती गई है। मटकुली से पचमढ़ी तक का मार्ग अत्यधिक घुमावदार और जटिल होने के कारण इस मार्ग पर बड़े आकार की बसों के संचालन को लेकर प्रशासन ने प्रतिबंध लगाए हैं।
मेले की अवधि में अधिक व्हीलबेस वाली लंबी स्लीपर कोच बसों तथा निर्धारित मापदंड से अधिक यात्री क्षमता वाली बसों के संचालन पर रोक रहेगी।
प्रशासन के मुताबिक यह निर्णय संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
दुर्गम क्षेत्रों तक पाइपलाइन से पहुंचेगा पानी
नागद्वारी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है। जिला प्रशासन और मेला समिति द्वारा पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
दुर्गम क्षेत्रों में भी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पाइपलाइनों के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर पानी के भंडारण के लिए टैंक स्थापित किए गए हैं।
प्रशासन की कोशिश है कि भीड़ बढ़ने के बावजूद किसी भी क्षेत्र में श्रद्धालुओं को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।
टेंट क्षेत्रों में फॉगिंग, मच्छरों पर भी नजर
मेले में विभिन्न मंडलों द्वारा लगाए गए टेंटों के आसपास स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए नियमित रूप से फॉगिंग कराई जा रही है।
मेला समिति द्वारा फॉगिंग मशीनों का संचालन किया जा रहा है, जिससे मच्छरों और अन्य कीट-पतंगों के प्रकोप को नियंत्रित किया जा सके। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अस्थायी रूप से ठहरने को देखते हुए स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बस स्टैंड और यातायात व्यवस्था की तैयारी
श्रद्धालुओं और वाहनों की लगातार आवाजाही को देखते हुए मेला क्षेत्र में स्थायी और अस्थायी बस स्टैंड तैयार किए गए हैं। प्रशासन ने यातायात को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं, ताकि वाहनों की भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
पूरे मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए होमगार्ड जवानों का बल भी मेला स्थल पर उपलब्ध कराया गया है।
जगह-जगह स्वास्थ्य कैंप
नागद्वारी यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य कैंप स्थापित किए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
‘क्लीन एवं ग्रीन मेला’ पर जोर
इस बार नागद्वारी मेले को ‘क्लीन एवं ग्रीन मेला’ की थीम पर संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है। मेला परिसर में जगह-जगह बड़े डस्टबिन स्थापित किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेला परिसर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें और प्लास्टिक व अन्य कचरा खुले में न फेंकें।
प्रशासन की श्रद्धालुओं से अपील
जिला प्रशासन ने नागद्वारी यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा निर्धारित यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से ही यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाया जा सकता है।
10 दिनों तक चलने वाली इस नागद्वारी यात्रा में आस्था के साथ सुरक्षा और व्यवस्था की भी बड़ी परीक्षा होगी। अब प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच 17 सेक्टरों में बांटी गई व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर लागू किया जाए और हर श्रद्धालु को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।