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भोपाल · 10 मिनट पहले

मध्य प्रदेश में फिर बदला मौसम: 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 10 अक्टूबर से साफ होगा मौसम

मानसून की विदाई के बाद पूर्वी MP में फिर सक्रिय हुआ बारिश का सिस्टम, जबलपुर-रीवा-शहडोल संभाग में असर; किसानों को रबी की बोवनी से पहले खेत की नमी जांचने की सलाह

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 10 मिनट पहले
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मध्य प्रदेश में फिर बदला मौसम: 12 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 10 अक्टूबर से साफ होगा मौसम

भोपाल। मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार को जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 12 जिलों में आंधी के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। 9 अक्टूबर को भी पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना है। इसके बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा।

12 जिलों में आंधी-बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

पिछले 24 घंटे के दौरान भी पूर्वी मध्य प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई है। इससे अक्टूबर में मानसून की विदाई के बाद एक बार फिर बारिश का दौर देखने को मिल रहा है।

9 अक्टूबर तक बारिश, फिर साफ होगा मौसम

मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक 9 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में भी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद बारिश कराने वाला सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा।

मौसम केंद्र के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 10 से 12 अक्टूबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना है।

रबी की बोवनी के लिए खेत की नमी देखना जरूरी

मानसून की विदाई के बाद हुई बारिश का असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में 9 अक्टूबर तक होने वाली बारिश से खेतों की ऊपरी परत में नमी बढ़ सकती है, लेकिन इसे पूरे प्रदेश में रबी की फसलों की तैयारी के लिए पर्याप्त बारिश नहीं माना जा सकता।

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खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में किसानों को रबी की बोवनी या सिंचाई का फैसला केवल बारिश के सामान्य पूर्वानुमान के आधार पर नहीं लेना चाहिए। खेत में मौजूद वास्तविक नमी, हाल में हुई बारिश और सिंचाई की उपलब्धता को ध्यान में रखना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा।

3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश से लौट चुका मानसून

दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश से पूरी तरह विदा हो चुका है। इसके बावजूद स्थानीय मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर बना हुआ है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अक्टूबर में बारिश के साथ दिन के तापमान में गर्मी और रात के समय हल्की ठंडक महसूस होना सामान्य मौसमी बदलाव का हिस्सा है। इस साल प्रदेश में मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा।

35.8 इंच बारिश, सामान्य से 1.5 इंच कम

जून से सितंबर तक मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई। सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिमी यानी करीब 37.3 इंच है। इस लिहाज से प्रदेश में इस मानसून सीजन में करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।

पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में बारिश करीब 12 प्रतिशत कम रही। हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश के भी कुछ जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई।

25 जिलों में पूरा हुआ बारिश का कोटा

प्रदेश के 25 जिलों में मानसून सीजन की सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडोरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

वहीं प्रदेश के करीब 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी अधिक रही। आलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल और रायसेन समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई।

जून की बारिश की कमी नहीं हो सकी पूरी

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इस मानसून सीजन की शुरुआत कमजोर रही थी। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई की शुरुआत में हुई तेज बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन मानसून के दौरान दो बार ब्रेक जैसी स्थिति बनने से कई दिनों तक बारिश कमजोर रही।

सितंबर के अंतिम दिनों में हुई अच्छी बारिश से जुलाई, अगस्त और सितंबर का आंकड़ा सामान्य के आसपास या उससे ऊपर पहुंचा, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे मानसून सीजन में मध्य प्रदेश की कुल बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही।

अब मौसम पर किसानों की नजर

पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना के बीच किसानों की नजर मौसम के अगले बदलाव पर है। जिन क्षेत्रों में खेतों में पर्याप्त नमी है, वहां रबी की बोवनी की तैयारी की जा सकती है, जबकि कम नमी वाले क्षेत्रों में किसान सिंचाई की उपलब्धता और स्थानीय मौसम को देखते हुए निर्णय ले सकते हैं।

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10 अक्टूबर के बाद मौसम साफ होने का अनुमान है। ऐसे में बारिश का यह दौर समाप्त होने के बाद तापमान में बदलाव और रबी सीजन की तैयारियों पर इसका असर देखने को मिलेगा।

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