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भोपाल · 3 मिनट पहले

MP में TET को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज, नीलम पार्क में तीसरे दिन भी धरना; बोले- फॉर्म नहीं भरेंगे, परीक्षा भी नहीं देंगे

मध्यप्रदेश में TET को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज है। नीलम पार्क में संभागवार धरना जारी है। शिक्षक TET निरस्त करने समेत तीन मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 3 मिनट पहले
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MP में TET को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज, नीलम पार्क में तीसरे दिन भी धरना; बोले- फॉर्म नहीं भरेंगे, परीक्षा भी नहीं देंगे

भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर शिक्षकों का विरोध तेज होता जा रहा है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले राजधानी के नीलम पार्क में संभागवार धरना-प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को आंदोलन का तीसरा दिन रहा। इस दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग के शिक्षक धरने में शामिल हुए।

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मोर्चा का कहना है कि जब तक  सरकार शिक्षकों की मांगों पर बातचीत कर समाधान नहीं निकालती, आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षकों ने टीईटी को लेकर अपना विरोध दर्ज कराते हुए परीक्षा के फॉर्म नहीं भरने और परीक्षा में शामिल नहीं होने की बात कही है।

5 अक्टूबर है आवेदन की अंतिम तारीख

टीईटी के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर निर्धारित है। स्कूल शिक्षा विभाग पहले ही आवेदन की समय-सीमा बढ़ा चुका है। इसके बावजूद आवेदन की रफ्तार धीमी बताई जा रही है।

मोर्चा के अनुसार प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षक हैं, जबकि अब तक लगभग 30 हजार आवेदन ही हुए हैं। आवेदन कम रहने की स्थिति में अंतिम तारीख फिर बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि कर्मचारी चयन मंडल की ओर से दिसंबर में परीक्षा कराने की तैयारी बताई गई है।

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शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना
शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना

शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगें

अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक राकेश नायक के अनुसार आंदोलन मुख्य रूप से तीन मांगों को लेकर किया जा रहा है।

पहली मांग टीईटी को निरस्त करने की है। मोर्चा का कहना है कि सरकार को तमिलनाडु की तर्ज पर विधानसभा में विधेयक पारित कर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजना चाहिए। मोर्चा का दावा है कि अलग-अलग समय पर हुई शिक्षक नियुक्तियां टीईटी के दायरे में नहीं आती हैं।

दूसरी मांग 20 साल की सेवा अवधि को मान्य करने की है। नायक के अनुसार कई शिक्षकों की सेवा अवधि वर्ष 2018 से मानी जा रही है, जबकि उनकी नियुक्तियां इससे पहले हुई थीं। मोर्चा का दावा है कि इससे वरिष्ठता और ग्रेच्युटी जैसे सेवा लाभ प्रभावित हो रहे हैं।

तीसरी मांग ई-अटेंडेंस को स्वैच्छिक करने की है। मोर्चा का आरोप है कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था में शिक्षकों का निजी डेटा सुरक्षित नहीं है और कुछ शिक्षक ठगी का शिकार हुए हैं।

फॉर्म नहीं भरने और परीक्षा नहीं देने का दावा

राकेश नायक ने कहा कि शिक्षक टीईटी के फॉर्म नहीं भरेंगे। उनके अनुसार शुरुआत में करीब 2,500 आवेदन हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या निजी स्कूलों के शिक्षकों की थी। अब कुल आवेदन करीब 30 हजार तक पहुंचने की बात कही जा रही है।

मोर्चा का सवाल है कि जो शिक्षक 25 से 30 वर्षों से अध्यापन कार्य कर रहे हैं, उनसे अब टीईटी कराए जाने की आवश्यकता क्यों है। शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा की अनिवार्यता से पहले उनकी सेवा अवधि और नियुक्ति से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए।

दिसंबर में परीक्षा कराने की तैयारी

टीईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। अभ्यर्थियों को कर्मचारी चयन मंडल के पोर्टल पर प्रोफाइल और आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी। परीक्षा ऑफलाइन आयोजित किए जाने की तैयारी बताई गई है।

आवेदन कम होने के बीच विभाग और कर्मचारी चयन मंडल के स्तर पर चर्चा की जानकारी सामने आई है। हालांकि दिसंबर में परीक्षा कराने की तैयारी जारी है। परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव नहीं करने के पीछे जनवरी में प्री-बोर्ड और फरवरी में मुख्य परीक्षाओं का कार्यक्रम भी एक कारण बताया जा रहा है।

संभागवार प्रदर्शन के बाद राजधानी में बड़ा आंदोलन

मोर्चा के मुताबिक फिलहाल अलग-अलग संभागों के शिक्षकों को क्रमवार धरने में शामिल किया जा रहा है। ग्वालियर-चंबल संभाग के बाद अन्य संभागों के शिक्षक भी आंदोलन में शामिल होंगे।

मोर्चा ने कहा है कि संभागवार प्रदर्शन पूरा होने के बाद राजधानी भोपाल में प्रदेशव्यापी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

एक नजर में

टीईटी आवेदन की अंतिम तारीख: 5 अक्टूबर

अब तक आवेदन: करीब 30 हजार

प्रदेश में शिक्षक: करीब डेढ़ लाख

परीक्षा: दिसंबर में प्रस्तावित

परीक्षा माध्यम: ऑफलाइन

आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन

शिक्षकों का दावा: फॉर्म नहीं भरेंगे और परीक्षा नहीं देंगे

आंदोलन स्थल: नीलम पार्क, भोपाल

प्रमुख मांगें: टीईटी निरस्त करना, 20 साल की सेवा अवधि मान्य करना और ई-अटेंडेंस स्वैच्छिक करना

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