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भोपाल · 30 मिनट पहले

MP में OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले से नाराज महासभा, सुप्रीम कोर्ट जाएगी; प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी

मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले से नाराज OBC महासभा सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है। लोकेंद्र गुर्जर ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 30 मिनट पहले
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MP में OBC आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले से नाराज महासभा, सुप्रीम कोर्ट जाएगी; प्रदेशव्यापी आंदोलन की तैयारी

भोपाल। मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। फैसले से नाराज OBC महासभा ने अब सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने और प्रदेशभर में आंदोलन करने की तैयारी शुरू करने की बात कही है। संगठन का कहना है कि आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से लंबित रहने के कारण हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चितता में है। महासभा ने स्पष्ट किया है कि वह अब केवल सरकार के आश्वासनों पर निर्भर रहने के बजाय अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए अदालत और लोकतांत्रिक आंदोलन, दोनों का सहारा लेगी।

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OBC महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य और याचिकाकर्ता लोकेंद्र गुर्जर ने कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण का मामला लंबे समय से चला आ रहा है। इसके चलते भर्ती प्रक्रियाओं और नियुक्तियों को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले के बाद संगठन कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगा और सुप्रीम कोर्ट में अपील कर न्याय की मांग करेगा।

27% आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जाएगी महासभा

लोकेंद्र गुर्जर के मुताबिक, OBC वर्ग के युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों का सवाल संगठन की प्राथमिकता है। उनका कहना है कि अब केवल बयान और आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि ऐसा समाधान जरूरी है जिससे अभ्यर्थियों की अनिश्चितता दूर हो सके।

गुर्जर ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहेंगी, लेकिन अपने अधिकारों के लिए संघर्ष समाज को खुद करना होगा। महासभा अदालत में अपना पक्ष रखने के साथ संवैधानिक दायरे में रहकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी करेगी।

संगठन का रुख स्पष्ट है कि आरक्षण के मुद्दे पर कानूनी लड़ाई जारी रखी जाएगी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में अपील की प्रक्रिया और उसके परिणाम को लेकर आगे की स्थिति कानूनी कार्यवाही पर निर्भर करेगी।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद होल्ड पदों पर भी नजर

27 प्रतिशत OBC आरक्षण से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकारी भर्तियों और लंबित नियुक्तियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फैसले में आरक्षण की सीमा 14 प्रतिशत किए जाने और रोके गए पदों पर तीन महीने के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश का उल्लेख है।

इस घटनाक्रम से उन अभ्यर्थियों की उम्मीदें और चिंताएं दोनों जुड़ी हैं, जिनकी नियुक्तियां आरक्षण विवाद के कारण प्रभावित हुई थीं। एक ओर लंबित पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है, तो दूसरी ओर OBC महासभा 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर कानूनी चुनौती देने की तैयारी में है।

ऐसे में भर्ती प्रक्रिया, आरक्षण की वैधानिक स्थिति और अभ्यर्थियों के हितों से जुड़े सवाल आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेंगे। अंतिम स्थिति संबंधित न्यायिक आदेशों और आगे होने वाली कानूनी कार्यवाही से स्पष्ट होगी।

जल्द घोषित होगी प्रदेशव्यापी आंदोलन की तारीख

OBC महासभा ने प्रदेशभर में आंदोलन करने की घोषणा की है। संगठन के मुताबिक, आंदोलन की तारीख और कार्यक्रम जल्द घोषित किए जाएंगे। इसके लिए OBC वर्ग के युवाओं, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की गई है।

महासभा का कहना है कि आरक्षण के मुद्दे पर न्याय मिलने तक उसका संघर्ष जारी रहेगा। संगठन अब सरकार के आश्वासनों के बजाय अदालत में प्रभावी पैरवी और जनआंदोलन के माध्यम से अपनी मांग उठाने की रणनीति पर आगे बढ़ेगा।

आरक्षण विवाद का अगला चरण क्या होगा?

मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण का मामला केवल आरक्षण के प्रतिशत तक सीमित नहीं है। इससे सरकारी भर्तियों, लंबित नियुक्तियों और हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े सवाल भी जुड़े हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब महासभा की प्रस्तावित कानूनी चुनौती और आंदोलन पर सबकी नजर रहेगी।

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