ब्रेकिंग
सोमवार, 21 सितंबर 2026
Denva Post
सभी खबरें
MP Weather Today · 07-08-2026

MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून सुस्त, 48 जिलों में बारिश की कमी से किसान परेशान

मध्य प्रदेश के 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश से खरीफ फसलों पर संकट बढ़ा है। धान, सोयाबीन और मक्का प्रभावित हैं, अगले तीन दिन बारिश की उम्मीद है।

देनवा पोस्ट
देनवा पोस्ट
समाचार डेस्क · 07-08-2026
शेयर
MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून सुस्त, 48 जिलों में बारिश की कमी से किसान परेशान

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्ती ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण खरीफ फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कई जिलों में बारिश की कमी के चलते खेतों में नमी तेजी से घट रही है और फसलों की बढ़वार प्रभावित होने लगी है।

बताया जा रहा है कि प्रदेश के 55 जिलों में से 48 जिले सामान्य से कम बारिश की स्थिति में हैं। कुछ जिलों में वर्षा का आंकड़ा सामान्य से 46 फीसदी तक नीचे पहुंच गया है। बारिश की कमी का असर खेतों के साथ-साथ जलाशयों और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता पर भी दिखाई देने लगा है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में ज्यादा असर

बारिश की कमी का असर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग दिखाई दे रहा है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग सहित पूर्वी मध्य प्रदेश में औसतन 23 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में भी सामान्य से करीब 16 फीसदी कम वर्षा होने की बात सामने आई है। लंबे समय से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण कई इलाकों में खेतों की मिट्टी सूखने लगी है।

धान, सोयाबीन और मक्का पर संकट

मानसून की बेरुखी का सबसे ज्यादा असर खरीफ की प्रमुख फसलों धान, सोयाबीन और मक्का पर पड़ रहा है।

जबलपुर के पाटन क्षेत्र में धान के खेतों में नमी की कमी के चलते दरारें पड़ने की स्थिति सामने आई है। दूसरी ओर शाजापुर और उज्जैन संभाग के कई क्षेत्रों में सोयाबीन की फसल कमजोर पड़ रही है।

नमी की कमी के बीच सोयाबीन में इल्ली और यलो मोजेक वायरस का प्रकोप भी बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो फसलों की उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान परेशान

बारिश की कमी ने उन किसानों की चिंता और बढ़ा दी है जिन्होंने खरीफ फसल के लिए कर्ज लेकर बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री खरीदी है। किसानों का कहना है कि समय पर बारिश नहीं होने से फसल की लागत निकलना भी मुश्किल हो सकता है।

प्रभावित क्षेत्रों के किसानों ने प्रशासन से फसलों का सर्वे कराने, कृषि विशेषज्ञों से तकनीकी सलाह उपलब्ध कराने और कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।

सिर्फ 7 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

प्रदेश में बारिश की स्थिति की तस्वीर इस बात से भी स्पष्ट होती है कि अब तक केवल 7 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

इनमें बड़वानी, ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन शामिल हैं। बाकी अधिकांश जिलों में बारिश सामान्य से कम रहने के कारण किसान मानसून की सक्रियता का इंतजार कर रहे हैं।

अगले तीन दिन बारिश से राहत की उम्मीद

हालांकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों को कुछ राहत की उम्मीद जगाई है। अगले तीन दिनों के दौरान प्रदेश के उत्तरी हिस्सों सहित कुछ अन्य क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, टीकमगढ़, छतरपुर और सागर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खेतों में नमी की स्थिति सुधर सकती है और खरीफ फसलों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं बारिश की बेरुखी जारी रहने पर किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

यह खबर शेयर करें
शेयर
ज़्यादा जानें
नागरिक सेवाएं पाएं
ताजा खबर पढ़ें
राजनीतिक