MP News: वन विभाग में जल्द होगी नई भर्ती, 4,506 कर्मचारियों को पदोन्नति
मध्यप्रदेश वन विभाग में खाली पदों पर जल्द नई भर्ती होगी। CM मोहन यादव ने 4,506 वन अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति की जानकारी दी। AI से हाथियों की निगरानी भी होगी।


भोपाल। मध्यप्रदेश में वन विभाग को मजबूत करने के लिए सरकार जल्द ही खाली पदों पर नई भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के जंगलों, वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा के लिए वन अमले को पर्याप्त रूप से मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही वन प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री सोमवार को भोपाल में पदोन्नत वन अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे वन विभाग के कर्मचारियों को अब इसका लाभ मिला है।
4,506 वन अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति
मुख्यमंत्री के अनुसार वन विभाग के कुल 4,506 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इनमें—
188 सहायक वन संरक्षक
2,821 वनपाल
761 उप वन क्षेत्रपाल
736 अन्य संवर्ग के कर्मचारी
शामिल हैं।
पदोन्नति मिलने के बाद कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी और इससे वन विभाग के मैदानी कामकाज को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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खाली पदों पर जल्द होगी नई भर्ती
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश वन विभाग में कुल 25,389 पद स्वीकृत हैं। इनमें वर्तमान में 18 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों को भरने के लिए नई भर्ती के आदेश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य वन विभाग में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना है।
इससे जंगलों की निगरानी, वन्यजीव संरक्षण, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और मैदानी स्तर पर वन प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
वनकर्मियों को बताया ‘ग्रीन सोल्जर्स’
मुख्यमंत्री ने वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों को ‘ग्रीन सोल्जर्स’ बताते हुए कहा कि प्रदेश के जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को टाइगर, लेपर्ड, घड़ियाल, गिद्ध और चीता स्टेट के रूप में पहचान मिली है। इस उपलब्धि के पीछे वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसके साथ जंगल, नदियां और जैव विविधता भी सुरक्षित रहें। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर स्थिति में सुरक्षित रखा जाए।
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AI से होगी हाथियों की निगरानी
वन विभाग में वन्यजीवों की निगरानी और संरक्षण के लिए तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ाया जा रहा है।
वन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि हाथियों की निगरानी के लिए AI आधारित ‘गज रक्षक’ प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा चीतों के संरक्षण से जुड़े प्रोजेक्ट और पीएम गतिशक्ति के तहत तैयार किए जा रहे वन मानचित्रों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
तकनीक की मदद से वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखने और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में 5.62 करोड़ से ज्यादा पौधे
प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष अब तक ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 5.62 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
इसके अलावा प्रदेश के 43 जिलों में 94 वन वाटिकाओं को भी मंजूरी दी गई है। इन प्रयासों का उद्देश्य पौधरोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देना है।
वन विभाग को लेकर सरकार का फोकस
सरकार की ओर से वन विभाग में एक साथ मानव संसाधन, तकनीक और वन्यजीव संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है। पदोन्नति के बाद रिक्त होने वाले पदों पर भर्ती से विभाग के मैदानी अमले को मजबूत करने की योजना है।
वहीं, AI आधारित निगरानी और डिजिटल वन मानचित्र जैसी तकनीकों के इस्तेमाल से जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।