MP Farmers: किसानों के लिए बड़ी घोषणा, 2700 रुपये क्विंटल में गेहूं खरीदेगी सरकार; कृषि ऋण चुकाने की समयसीमा भी बढ़ी
मध्यप्रदेश में किसानों के लिए बड़ी घोषणा। सरकार 2700 रुपये प्रति क्विंटल में गेहूं खरीदेगी। खाद-बीज कृषि ऋण जून-जुलाई में शून्य ब्याज पर जमा करने की सुविधा मिलेगी।


भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से 2,700 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद करेगी। इसके साथ ही खाद और बीज के लिए लिए गए कृषि ऋण को चुकाने की समयसीमा में भी राहत दी गई है। अब किसान पुराने 31 मार्च के बजाय जून और जुलाई में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण जमा कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए आधुनिक तकनीक अपनाने और खेती को अधिक लाभदायक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों से संवाद भी किया।
खेती को घाटे का सौदा न समझें किसान
मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि खेती को घाटे का सौदा मानने के बजाय आधुनिक तकनीक और नई कृषि पद्धतियों के माध्यम से इसे बेहतर आय का जरिया बनाया जाए। उन्होंने किसानों से कृषि भूमि नहीं बेचने की अपील करते हुए कहा कि आने वाला समय किसानों के जीवन में समृद्धि लेकर आएगा। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक खेती के साथ कृषि आधारित दूसरी गतिविधियों को अपनाने पर भी जोर दिया।
2700 रुपये क्विंटल में गेहूं खरीदेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश में 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी समय में प्रदेश सरकार किसानों से गेहूं की खरीद 2,700 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर करेगी।
सरकार की इस घोषणा से गेहूं उत्पादक किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।

दिन में भी मिलेगी बिजली
गेहूं और चने की फसल की सिंचाई के लिए किसानों को बिजली की सुविधा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि फसलों की सिंचाई में सुविधा के लिए किसानों को दिन के समय भी बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि सिंचाई व्यवस्था सुचारु रहे और किसानों को रात में खेतों में जाने की परेशानी कम हो।
कृषि ऋण चुकाने की समयसीमा में राहत
किसानों को आर्थिक राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने खाद और बीज के लिए लिए गए कृषि ऋण की अदायगी को लेकर भी बड़ा फैसला बताया। अब किसानों को 31 मार्च की पुरानी समयसीमा के बजाय जून और जुलाई महीने में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण जमा करने की सुविधा मिलेगी। इससे किसानों को फसल और बाजार की स्थिति के अनुसार ऋण चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।
धान की उत्पादकता में भी सुधार
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में धान की औसत उत्पादकता में सुधार का उल्लेख करते हुए बताया कि यह 32 क्विंटल से बढ़कर 36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है। उन्होंने किसानों से फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की।
पशुपालन और उद्यानिकी को खेती से जोड़ने की सलाह
मुख्यमंत्री ने किसानों को केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर नहीं रहने की सलाह दी। उन्होंने पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को खेती के साथ जोड़ने पर जोर दिया। इसके पीछे उद्देश्य किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करना और खेती से जुड़े जोखिम को कम करना है।
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कृषि महोत्सव में आधुनिक मशीनों ने खींचा ध्यान
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान कृषि प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें कुल 16 स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों को आधुनिक कृषि मशीनों और तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में—रीपर कम बाइंडर,डीएसआर मशीन,हैप्पी सीडर,सुपर सीडर,स्मार्ट सीडर,स्ट्रॉ रीपर,थ्रेशर,लेजर लैंड लेवलर,रोटावेटर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र प्रदर्शित किए गए। विशेषज्ञों ने किसानों को इन मशीनों के उपयोग और इनके जरिए खेती में लागत कम करने तथा उत्पादकता बढ़ाने की जानकारी दी।
प्राकृतिक और जैविक खेती पर भी जोर
कृषि महोत्सव में किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती, नवीन कृषि पद्धतियों तथा फसल उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में रुचि रखने वाले किसानों और युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया गया। साथ ही मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया।
