दुष्कर्म आरोपी के घर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर पीड़ित परिवार धरने पर बैठा, प्रशासन की समझाइश के बाद देर रात समाप्त हुआ प्रदर्शन
माखननगर में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी के घर बुलडोजर कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित परिवार धरने पर बैठा। प्रशासन के आश्वासन के बाद रात 11 बजे धरना समाप्त हुआ।


माखननगर। थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। आरोपी के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा और आरोपियों के परिजनों द्वारा कथित धमकियों पर सख्त कदम उठाने की मांग को लेकर गुरुवार रात पीड़ित परिवार मोहल्ले के लोगों के साथ धरने पर बैठ गया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश पर रात करीब 11 बजे धरना समाप्त हुआ।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार का आरोप है कि नाबालिग बालिका से दुष्कर्म की घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन इसके बावजूद आरोपी पक्ष के परिजन लगातार परिवार पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। ऐसे में परिवार स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
2 अगस्त को अधिकारियों को सौंपा था आवेदन
पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने 2 अगस्त को थाना प्रभारी, तहसीलदार, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के नाम लिखित आवेदन सौंपकर आरोपी के मकान पर कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा तथा आरोपी पक्ष द्वारा दी जा रही धमकियों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि घटना के बाद पीड़ित बालिका का जिला चिकित्सालय में उपचार कराया गया। साथ ही आरोप लगाया गया कि आरोपी पक्ष लगातार शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बना रहा है और परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहा है। परिवार ने यह भी मांग की है कि प्रदेश में अन्य मामलों की तरह इस मामले में भी आरोपी के मकान पर कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई नहीं होने पर धरने पर बैठे
पीड़ित परिवार का कहना है कि आवेदन देने के बाद भी जब उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मजबूर होकर उन्होंने मोहल्ले के लोगों के साथ गुरुवार रात करीब 9:30 बजे धरना शुरू कर दिया। धरने में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
धरने की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार सुनील गढ़वाल एवं थाना प्रभारी कंचन ठाकुर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और कानून के दायरे में रहकर आवश्यक कार्रवाई तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
समझाइश के बाद समाप्त हुआ धरना
करीब डेढ़ घंटे तक चली बातचीत और समझाइश के बाद पीड़ित परिवार प्रशासन के आश्वासन पर सहमत हुआ। इसके बाद रात करीब 11 बजे धरना समाप्त कर दिया गया। अधिकारियों ने परिवार को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा सुरक्षा संबंधी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
आंदोलन की चेतावनी
धरना समाप्त होने के बाद भी पीड़ित परिवार ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
