माखन नगर में FLN प्रशिक्षण का द्वितीय चरण संपन्न, शिक्षकों ने सीखे भाषा और गणित शिक्षण के नवाचार
माखन नगर में FLN प्रशिक्षण का द्वितीय चरण संपन्न हुआ। शिक्षकों ने भाषा और गणित शिक्षण की गतिविधि आधारित तकनीकें, नवाचार और ‘जादुई पिटारा’ के उपयोग का प्रशिक्षण लिया।


माखन नगर। मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल, माखन नगर में आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान (FLN—Foundational Literacy and Numeracy) प्रशिक्षण के द्वितीय चरण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों की बुनियादी पढ़ने, लिखने, समझने और गणितीय क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नवीन, गतिविधि-आधारित एवं बाल-केंद्रित शिक्षण तकनीकों से परिचित कराना रहा।
प्रशिक्षण का आयोजन बीआरसी श्री कमलेश वर्मा के मार्गदर्शन तथा प्रशिक्षण प्रभारी श्री रामभरोस बामनिया के सहयोग से किया गया। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषयों से संबंधित विभिन्न गतिविधियों एवं शिक्षण कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया।
विषयवार गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण
गणित विषय में मास्टर ट्रेनर नरगिस खान एवं सूरज शुक्ला ने शिक्षकों को गणितीय अवधारणाओं को सरल एवं रोचक तरीके से समझाने की विभिन्न विधियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान चार मॉडल के माध्यम से गणितीय अवधारणाओं को बच्चों तक आसानी से पहुंचाने का अभ्यास कराया गया।
हिंदी विषय में मास्टर ट्रेनर दिनेश कुशवाहा एवं बृजेश रघुवंशी ने भाषाई कौशलों के विकास से जुड़ी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया। वहीं अंग्रेजी विषय में मास्टर ट्रेनर राजाराम खापरे ने भाषा सीखने और समझने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने वाली गतिविधियों एवं तकनीकों पर जानकारी दी।
‘जादुई पिटारा’ और गतिविधि आधारित शिक्षण पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बच्चों की सीखने में रुचि बढ़ाने के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षण को कक्षा में प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही ‘जादुई पिटारा’ के उपयोग के माध्यम से बच्चों को विभिन्न अवधारणाओं से जोड़ने तथा सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाने की विधियों का भी अभ्यास कराया गया।
मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि FLN का उद्देश्य बच्चों में प्रारंभिक स्तर पर पढ़ने, समझने, लिखने और बुनियादी गणितीय अवधारणाओं की मजबूत नींव तैयार करना है। इसके लिए केवल पाठ्यपुस्तक आधारित शिक्षण पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को गतिविधियों, अभ्यास और सहभागिता के माध्यम से सीखने के अवसर देना आवश्यक है।
कक्षा में तकनीकों के प्रयोग का संकल्प
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से सहभागिता की। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा बताई गई शिक्षण तकनीकों को कक्षा-कक्ष में लागू करने तथा बच्चों की सीखने की क्षमता के अनुरूप शिक्षण पद्धतियों में आवश्यक बदलाव करने पर भी चर्चा हुई।
प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने सीखी गई गतिविधियों एवं नवाचारों को अपने विद्यालयों में बच्चों के साथ प्रयोग करने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण को सफल बनाने में समस्त जन शिक्षकों का सहयोग रहा।

