छह माह से रिक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद, माखननगर परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस
सांगाखेड़ाकला-1 आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता पद की नियुक्ति में देरी पर माखननगर परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी ।


माखननगर। महिला एवं बाल विकास विभाग ने माखननगर परियोजना अधिकारी श्रीमती सुषमा चौरेसिया को सांगाखेड़ाकला-1 आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता पद की पूर्ति में कथित अत्यधिक विलंब के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार जैन द्वारा 16 सितंबर 2026 को जारी नोटिस में संबंधित अधिकारी से तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
12 फरवरी को त्यागपत्र, फिर भी पद नहीं भरा
विभागीय नोटिस के अनुसार सांगाखेड़ाकला-1 आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता कु. महिमा दूबे ने 12 फरवरी 2026 को अपने पद से त्यागपत्र दिया था। इसके बाद कार्यकर्ता का पद रिक्त हो गया।
नोटिस में कहा गया है कि विभागीय नियुक्ति निर्देशों के अनुसार कुल स्वीकृत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका पदों में से 50 प्रतिशत पदों की पूर्ति की जानी थी। रिक्त पदों को भरने के लिए विभाग द्वारा विज्ञप्तियां भी जारी की गई थीं।
इसके बावजूद विभाग के अनुसार सांगाखेड़ाकला-1 के रिक्त कार्यकर्ता पद की नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की गई।
29 जून को विज्ञप्ति के बाद भी प्रक्रिया अधूरी
कारण बताओ नोटिस में उल्लेख है कि 29 जून 2026 को विज्ञप्ति जारी होने के बाद भी सांगाखेड़ाकला-1 के रिक्त कार्यकर्ता पद की पूर्ति नहीं की गई। विभाग का कहना है कि यह पद 12 फरवरी से रिक्त था। उसके बाद भी रिक्त पद की जानकारी विभागीय पोर्टल पर अपडेट नहीं की गई।
इसके बाद 11 सितंबर 2026 को पदोन्नति संबंधी नोटशीट जिला कार्यालय में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की गई, लेकिन 16 सितंबर तक पदोन्नति आदेश जारी नहीं किया गया।
पोषण ट्रैकर का काम भी प्रभावित होने का उल्लेख
विभाग ने नोटिस में कहा है कि कार्यकर्ता का पद लंबे समय तक रिक्त रहने के कारण आंगनवाड़ी केंद्र का विभागीय कार्य प्रभावित हुआ। इसमें विशेष रूप से पोषण ट्रैकर एप और डेटा संबंधी कार्य प्रभावित होने का उल्लेख किया गया है।
विभाग का कहना है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद की समय पर पूर्ति नहीं होने से केंद्र की नियमित गतिविधियों और विभागीय कार्यों के संचालन में व्यवधान आया।
पदीय दायित्वों में उदासीनता का आरोप
जिला प्रशासन ने परियोजना अधिकारी के इस रवैये को स्वेच्छाचारिता, पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता और वरिष्ठ कार्यालय के आदेशों की अवहेलना माना है। यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का प्रत्यक्ष उल्लंघन है।
हालांकि, मामले में संबंधित परियोजना अधिकारी का पक्ष और उनका लिखित जवाब अभी सामने आना बाकी है। इसलिए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जवाब और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकल सकेगा।
तीन दिन में मांगा गया जवाब
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम-16 के तहत श्रीमती सुषमा चौरेसिया से अपना लिखित उत्तर तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होता है अथवा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अब परियोजना अधिकारी के जवाब पर नजर
सांगाखेड़ाकला-1 आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यकर्ता पद की नियुक्ति में देरी को लेकर जारी कारण बताओ नोटिस के बाद अब विभागीय कार्रवाई की दिशा परियोजना अधिकारी के जवाब पर निर्भर करेगी। विभाग ने तीन दिन की समयसीमा तय की है।
मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि 12 फरवरी से रिक्त पद की जानकारी पोर्टल पर कब अपडेट की गई, 29 जून की विज्ञप्ति के बाद नियुक्ति प्रक्रिया किस स्तर पर लंबित रही और 11 सितंबर को नोटशीट प्रस्तुत होने के बाद भी 16 सितंबर तक आदेश क्यों जारी नहीं हो सका। इन बिंदुओं पर संबंधित अधिकारी के जवाब से स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

