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नर्मदापुरम · 1 घंटे पहले

नर्मदापुरम के स्कूलों में अचानक पहुंचे प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल, कक्षाओं में विद्यार्थियों से किया संवाद

प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल ने नर्मदापुरम के जासलपुर, नीमसाड़िया और पंजराकला स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। शिक्षा गुणवत्ता, MDM, FLN, ICT लैब और स्मार्ट पैनल की समीक्षा की।

गोविंद यादव
गोविंद यादव
Reporter · 1 घंटे पहले
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नर्मदापुरम के स्कूलों में अचानक पहुंचे प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल, कक्षाओं में विद्यार्थियों से किया संवाद

नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल ने गुरुवार को नर्मदापुरम जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के सीखने की स्थिति और शासन की विभिन्न योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का जायजा लिया।

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प्रमुख सचिव डॉ. गोयल ने जिले के शासकीय माध्यमिक शाला जासलपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नीमसाड़िया और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंजराकला का भ्रमण किया। औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों की व्यवस्थाओं को करीब से देखा और शिक्षकों तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया।

कक्षाओं में पहुंचे, विद्यार्थियों से पूछे सवाल

निरीक्षण के दौरान डॉ. गोयल विभिन्न कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने कक्षा में चल रही शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का भी अवलोकन किया।

उन्होंने विद्यार्थियों से उनके पाठ्यक्रम, पढ़ाई से जुड़ी गतिविधियों और विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। प्रमुख सचिव ने शिक्षकों से भी यह समझने का प्रयास किया कि विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में सुधार के लिए किन गतिविधियों और संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है।

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मध्याह्न भोजन से लेकर पाठ्य-पुस्तकों तक की समीक्षा

औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना (MDM) की गुणवत्ता और व्यवस्था की भी जानकारी ली गई। इसके साथ ही विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकों के वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई।

प्रमुख सचिव ने विद्यालयों में उपलब्ध ‘जादुई पिटारा’ के उपयोग की जानकारी लेते हुए यह देखा कि इसका उपयोग विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए किस प्रकार किया जा रहा है।

उन्होंने FLN (Foundational Literacy and Numeracy) प्रशिक्षण के संबंध में भी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से जानकारी ली और प्रशिक्षण के परिणामों की समीक्षा की।

ई-अटेंडेंस, ICT लैब और स्मार्ट पैनल का भी निरीक्षण

डॉ. संजय गोयल ने विद्यालयों में आधुनिक तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता और उनके उपयोग का भी जायजा लिया। उन्होंने ई-अटेंडेंस प्रणाली, ICT लैब और स्मार्ट पैनल का निरीक्षण किया।

इसके अलावा विद्यालयों के पुस्तकालय, कैरियर काउंसलिंग सहित अन्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की भी जानकारी ली। उन्होंने विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के नियमित और प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।

शिक्षकों के साथ बैठक, मैदानी क्रियान्वयन पर चर्चा

निरीक्षण के बाद प्रमुख सचिव ने शिक्षकों के साथ बैठक कर स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के मैदानी क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, शिक्षण पद्धति और तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल से जुड़े विषयों पर चर्चा की।

डॉ. गोयल ने शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान देने तथा उपलब्ध तकनीकी एवं शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर कैरियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर

प्रमुख सचिव ने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया को विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।

औचक निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा संबंधित विद्यालयों के शिक्षक एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

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