जोधपुर:शिक्षकों की कमी पर फूटा गुस्सा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लग रही कक्षाएं
जोधपुर के लूणी क्षेत्र के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी से नाराज छात्रों ने स्कूल में ताला जड़कर प्रदर्शन किया। रिक्त पद भरने की मांग की।


जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर जिले के लूणी क्षेत्र में शिक्षकों की कमी को लेकर गुरुवार, 6 अगस्त को छात्रों, अभिभावकों और ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। बालाजी नगर स्थित अरणी नाड़ी (मंगल नगर) के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पद नहीं भरे जाने से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में लंबे समय से कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। छात्रों को नियमित कक्षाएं नहीं मिल पा रही हैं और उनकी परीक्षा की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं।
11वीं-12वीं में 30 से ज्यादा छात्र, एक भी व्याख्याता नहीं
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल में कला संकाय की 11वीं और 12वीं कक्षा में 30 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन दोनों कक्षाओं के लिए एक भी व्याख्याता यानी प्रथम श्रेणी शिक्षक नियुक्त नहीं है। इसके अलावा गणित विषय के द्वितीय श्रेणी शिक्षक का पद भी लंबे समय से रिक्त बताया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के अभाव में विद्यार्थियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। खासकर बोर्ड कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मौजूदगी में कक्षाएं लगाने का आरोप
ग्रामीणों ने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शिक्षकों की कमी के कारण कई बार बच्चों की कक्षाएं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की मौजूदगी में संचालित करनी पड़ रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने इसे शिक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
स्कूल की छात्रा राजलक्ष्मी ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण उनकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। कई विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं लगती हैं। छात्रा ने सरकार से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित न हो।
दो मंत्रियों के क्षेत्र में शिक्षक नहीं होने पर सवाल
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि लूणी क्षेत्र से राजस्थान सरकार में दो मंत्री जोगाराम पटेल और जसवंत बिश्नोई का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद स्कूल में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरना चाहिए।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
धरने पर बैठे ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार तथा शिक्षा विभाग से स्कूल में सभी रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का भविष्य शिक्षकों की कमी के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है और विद्यालय में रिक्त पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
