कर्ज और सरकारी विमान खरीद पर पटवारी ने CM को लिखा पत्र
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने CM मोहन यादव को पत्र लिखकर सरकारी कर्ज, Challenger 3500 जेट और ACH160 हेलीकॉप्टर की खरीद पर सवाल उठाए।


भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश सरकार की बाजार उधारी और सरकारी विमान एवं हेलीकॉप्टर की खरीद को लेकर सवाल उठाए हैं। पटवारी ने सरकार से प्रदेश की वित्तीय स्थिति, कर्ज के उपयोग तथा VVIP एविएशन सुविधाओं पर होने वाले खर्च का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
29 सितंबर को मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में पटवारी ने सितंबर माह में लिए गए बाजार कर्ज का उल्लेख करते हुए कहा कि 1 सितंबर को 3,600 करोड़, 16 सितंबर को 2,500 करोड़ और 29 सितंबर को 1,500 करोड़ रुपये के कर्ज से संबंधित आंकड़े सामने आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से वर्ष 2026-27 में अब तक लिए गए कुल नए बाजार कर्ज की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
पटवारी ने सवाल उठाया कि लिए गए कर्ज में से कितनी राशि पूंजीगत विकास कार्यों पर खर्च की गई और कितनी राशि पुराने कर्ज, ब्याज तथा अन्य राजस्व खर्चों में गई। उन्होंने प्रदेश के कुल कर्ज पर प्रतिवर्ष चुकाए जा रहे ब्याज की जानकारी भी मांगी है।
विमान-हेलीकॉप्टर की लागत का मांगा हिसाब
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकारी विमानन बेड़े के विस्तार को लेकर भी सरकार से जानकारी मांगी है। पत्र में Challenger 3500 जेट और ACH160 हेलीकॉप्टर की खरीद की वास्तविक लागत के साथ इनके रखरखाव, पायलट प्रशिक्षण, बीमा, हैंगर और संचालन पर होने वाले वार्षिक खर्च का ब्यौरा मांगा गया है।
उन्होंने विमान और हेलीकॉप्टर की खरीद से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया, तकनीकी मूल्यांकन और अंतिम अनुबंध को सार्वजनिक किए जाने की मांग भी की है। साथ ही सरकारी खरीद एवं ठेकों में पारदर्शिता के लिए स्वतंत्र ऑडिट व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी है।

आठ बिंदुओं पर मांगा जवाब
पटवारी ने मुख्यमंत्री से कुल आठ बिंदुओं पर जवाब मांगा है। इनमें वर्ष 2026-27 में लिए गए बाजार कर्ज की कुल राशि, कर्ज के उपयोग, विमान-हेलीकॉप्टर की वास्तविक लागत, उनके संचालन का वार्षिक खर्च, खरीद प्रक्रिया, कर्ज पर ब्याज और VVIP सुविधाओं पर होने वाले खर्च की जानकारी शामिल है।
पटवारी ने सरकार से इस पूरे मामले में श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए कहा है कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति और सरकारी खर्च से संबंधित पूरी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
