जन्माष्टमी पर कान्हा को लगाएं धनिया पंजीरी का भोग, बिना आटा भुने ऐसे बनाएं स्वादिष्ट प्रसाद
जन्माष्टमी पर कान्हा को धनिया पंजीरी का भोग लगाएं। जानिए धनिया, मखाना, मेवा और घी से बिना आटा भुने स्वादिष्ट पंजीरी बनाने की आसान रेसिपी।


Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व देशभर के साथ-साथ विदेशों में भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। मथुरा, वृंदावन और द्वारका में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की विशेष तैयारियां होती हैं। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के बाद पूजा-अर्चना कर व्रत खोलते हैं।
जन्माष्टमी पर कान्हा को माखन-मिश्री, पेड़ा, दही, पंचामृत और पंजीरी का भोग लगाया जाता है। इनमें धनिया पंजीरी का विशेष महत्व माना जाता है। आमतौर पर लोग आटे की पंजीरी खाते हैं, लेकिन जन्माष्टमी के अवसर पर धनिया पंजीरी बनाकर भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाया जाता है।
खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए आटे को भूनने की जरूरत नहीं पड़ती। धनिया, घी, मेवा, मखाना और पिसी चीनी से यह स्वादिष्ट प्रसाद आसानी से तैयार किया जा सकता है।
धनिया पंजीरी बनाने के लिए सामग्री
धनिया पाउडर – 2 कप
देसी घी – 1/4 कप
काजू – 10 से 12, कटे हुए
बादाम – 10 से 12, कटे हुए
मखाना – 1 कप
पिसी हुई चीनी – 1/2 कप
इलायची पाउडर – 1/2 चम्मच
धनिया पंजीरी बनाने की आसान विधि
1. धनिया को भूनें
अगर आप साबुत धनिया इस्तेमाल कर रहे हैं तो सबसे पहले उसे मध्यम आंच पर बिना घी के हल्का भून लें। लगातार चलाते रहें ताकि धनिया जले नहीं।
भुनने के बाद इसे थोड़ा ठंडा होने दें। इसी बीच काजू, बादाम और मखाने को छोटे टुकड़ों में काट लें।
2. मेवा और मखाना भूनें
एक पैन में करीब एक चम्मच देसी घी डालकर गर्म करें। इसमें कटे हुए काजू, बादाम और मखाने डालकर हल्का सुनहरा और कुरकुरा होने तक भून लें।
अब भुने हुए धनिया को मिक्सी में डालकर दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि धनिया को बहुत बारीक पाउडर न बनाएं, इससे पंजीरी का स्वाद और टेक्सचर बेहतर रहता है।
3. सभी सामग्री मिलाएं
एक बड़े बाउल में दरदरा पिसा हुआ धनिया डालें। इसमें भुने हुए काजू, बादाम और मखाने मिलाएं।
अब पिसी हुई चीनी और इलायची पाउडर डालें। इसके बाद बचा हुआ देसी घी डालकर सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें।
4. तैयार है जन्माष्टमी की धनिया पंजीरी
सभी सामग्री अच्छी तरह मिलाने के बाद आपकी स्वादिष्ट धनिया पंजीरी तैयार है। इसे भगवान श्रीकृष्ण को भोग के रूप में अर्पित करें और पूजा के बाद प्रसाद के तौर पर परिवार के साथ ग्रहण करें।
5. चाहें तो आटा भी मिला सकते हैं
अगर आपको केवल धनिया पंजीरी का स्वाद पसंद नहीं है, तो इसमें थोड़ी मात्रा में भुना हुआ गेहूं का आटा भी मिलाया जा सकता है। इससे पंजीरी का स्वाद और टेक्सचर अलग हो जाता है।
जन्माष्टमी पर क्यों खास है धनिया पंजीरी?
जन्माष्टमी के व्रत और पूजा में पंजीरी को पारंपरिक प्रसाद के रूप में शामिल किया जाता है। धनिया पंजीरी मेवा, मखाना और घी के साथ तैयार होने के कारण स्वादिष्ट और ऊर्जा देने वाला प्रसाद बन सकती है।
अगर आप इस जन्माष्टमी पर घर में भगवान श्रीकृष्ण के लिए कुछ पारंपरिक और आसानी से बनने वाला भोग तैयार करना चाहते हैं, तो धनिया पंजीरी एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

