ब्रेकिंग
गुरुवार, 3 सितंबर 2026
Denva Post
सभी खबरें
शहडोल · 1 घंटे पहले

शहडोल में नया आदेश: 15 दिन से ज्यादा रहने वालों की देनी होगी जानकारी

शहडोल में 15 दिन से ज्यादा रहने वालों की जानकारी थाने में देना अनिवार्य होगा। किरायेदार, PG, होटल, श्रमिक, डिलीवरी बॉय और गार्ड भी आदेश के दायरे में।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 1 घंटे पहले
शेयर
शहडोल में नया आदेश: 15 दिन से ज्यादा रहने वालों की देनी होगी जानकारी

शहडोल। जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब शहडोल जिले में 15 दिन से अधिक समय तक रहने वाले किसी भी व्यक्ति की जानकारी संबंधित थाने में देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा किरायेदार, पेइंग गेस्ट, घरेलू कामगार, निजी छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राएं, होटल-लॉज में ठहरने वाले लोग, निर्माण श्रमिक और निजी सुरक्षा गार्ड भी प्रशासन के नए आदेश के दायरे में होंगे।

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पार्थ जायसवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक मकान मालिकों, प्रतिष्ठान संचालकों, ठेकेदारों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों को संबंधित लोगों की पहचान, पहचान पत्र और मोबाइल नंबर सहित निर्धारित प्रारूप में जानकारी संबंधित थाने को उपलब्ध करानी होगी।

किराए पर मकान देने से पहले थाने में देनी होगी सूचना

प्रशासन के आदेश के अनुसार मकान या दुकान मालिक को किरायेदार अथवा पेइंग गेस्ट की जानकारी संबंधित थाने में देना अनिवार्य होगा। पुलिस को सूचना दिए बिना मकान या दुकान किराए पर नहीं दी जा सकेगी।

किरायेदार का पहचान पत्र और मोबाइल नंबर लेना भी जरूरी होगा। इसी तरह घरेलू कामगारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों को रखने से पहले उनकी जानकारी पुलिस को देनी होगी।

निजी छात्रावास संचालकों को वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं का विवरण भी संबंधित थाने में उपलब्ध कराना होगा।

होटल-लॉज में रोज देनी होगी ठहरने वालों की जानकारी

होटल, लॉज, धर्मशाला, रैन बसेरा और धार्मिक स्थलों में ठहरने वाले लोगों की पहचान संबंधी जानकारी जुटाना भी अनिवार्य किया गया है। संचालकों को ठहरने वाले व्यक्तियों से पहचान पत्र और मोबाइल नंबर लेना होगा।

इन स्थानों पर ठहरने वाले लोगों की सूची पहचान पत्र के साथ प्रतिदिन संबंधित थाने में जमा करनी होगी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में 15 दिन से अधिक समय तक निवास करने वाले किसी भी व्यक्ति की जानकारी तत्काल संबंधित थाने को देना आवश्यक होगा।

स्पा, मसाज सेंटर और ब्यूटी पार्लर भी आदेश के दायरे में

नए आदेश में स्पा सेंटर, मसाज सेंटर और ब्यूटी पार्लर में काम करने वाले कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है।

संचालकों को कर्मचारियों की जानकारी के साथ उनके पहचान पत्र और मोबाइल नंबर पुलिस को उपलब्ध कराने होंगे। निजी सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड और विभिन्न प्रतिष्ठानों द्वारा अपने स्तर पर नियुक्त सुरक्षा गार्डों की जानकारी भी पुलिस को देनी होगी।

डिलीवरी बॉय और निर्माण श्रमिकों की भी देनी होगी जानकारी

ऑनलाइन शॉपिंग और कोरियर कंपनियों के घर-घर पार्सल पहुंचाने वाले कर्मचारियों की जानकारी भी निर्धारित प्रारूप में संबंधित थाने को उपलब्ध करानी होगी।

वहीं, भवन निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों और कारीगरों को काम पर रखने से पहले ठेकेदार को उनकी जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा पुलिस के अतिथि पोर्टल पर ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी दर्ज करना भी आवश्यक किया गया है।

विदेशी नागरिकों की सूचना तत्काल देनी होगी

प्रशासन के अनुसार होटल, लॉज, धर्मशाला या किराए के मकान में ठहरने वाले लोगों की जानकारी का सत्यापन ICJS सॉफ्टवेयर और मोबाइल फेस रिकग्निशन ऐप के माध्यम से किया जाएगा।

यदि किसी होटल, लॉज, धर्मशाला या किराए के मकान में विदेशी नागरिक ठहरता है तो उसकी जानकारी तत्काल FRRO शाखा, शहडोल को देना अनिवार्य होगा।

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

कलेक्टर ने मकान मालिकों, होटल-लॉज संचालकों, प्रतिष्ठान संचालकों, ठेकेदारों, धर्मशाला और रैन बसेरा संचालकों, धार्मिक स्थलों, स्पा सेंटर, सुरक्षा एजेंसियों और अन्य संबंधित लोगों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश या उसके किसी भी हिस्से का उल्लंघन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय होगा।

प्रशासन के मुताबिक आदेश समयाभाव के कारण एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है। किसी व्यक्ति या संस्था को आदेश से छूट या शिथिलता की आवश्यकता होने पर वह कलेक्टर के समक्ष विधिवत आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन का बड़ा कदम

नए आदेश का उद्देश्य जिले में बाहरी व्यक्तियों, किरायेदारों, श्रमिकों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की पहचान संबंधी जानकारी पुलिस के पास उपलब्ध कराना है, ताकि कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी स्थिति में संबंधित व्यक्तियों का सत्यापन और निगरानी प्रभावी तरीके से की जा सके।

यह खबर शेयर करें
शेयर
ज़्यादा जानें
राजनीतिक ख़बरें पढ़ें
news
राजनीति