ब्रेकिंग
गुरुवार, 3 सितंबर 2026
Denva Post
सभी खबरें
नई दिल्ली · 1 घंटे पहले

भारत-बेल्जियम के बीच रक्षा, व्यापार और तकनीक पर बढ़ेगा सहयोग

PM मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की बैठक में व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और तकनीक पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 1 घंटे पहले
शेयर
भारत-बेल्जियम के बीच रक्षा, व्यापार और तकनीक पर बढ़ेगा सहयोग

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच गुरुवार को व्यापक द्विपक्षीय बातचीत हुई। बैठक के बाद भारत और बेल्जियम ने व्यापार, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और प्रौद्योगिकी समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मीडिया वक्तव्य में कहा कि मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी गति बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि पिछली तिमाही में भारत ने 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर दर्ज की है। प्रधानमंत्री के मुताबिक भारत की विकास यात्रा दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत बन रही है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक रफ्तार

पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। कई क्षेत्रों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है और भोजन, ईंधन तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं को लेकर अनिश्चितता का असर दुनियाभर में दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति कायम रखी है और पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास गाथा दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत बन रही है।

वहीं, बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध अब पहले की तुलना में अधिक व्यापक और रणनीतिक हो रहे हैं।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-बेल्जियम संबंधों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग को प्रमुख स्तंभ बताया। दोनों देशों ने सैन्य आदान-प्रदान और प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई।

पीएम मोदी के अनुसार दोनों सरकारों और रक्षा उद्योगों के बीच हुए समझौते रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए नए अवसर खोलेंगे।

इसके साथ ही अपराध से निपटने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने और दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति बनी।

स्टार्टअप और प्रतिभाओं की आवाजाही पर भी फोकस

दोनों देशों ने लोगों के बीच संपर्क को द्विपक्षीय संबंधों की महत्वपूर्ण ताकत माना। भारत और बेल्जियम ने स्टार्टअप के बीच संपर्क बढ़ाने, समुद्री क्षेत्र में क्षमता निर्माण और विश्वविद्यालयों तथा अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति जताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रतिभाओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए दोनों देश जल्द ही ‘प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी समझौते’ को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे।

महत्वपूर्ण खनिज और सेमीकंडक्टर सहयोग बढ़ेगा

भारत और बेल्जियम के बीच स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा का भविष्य और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन से सतत विकास संबंधी सहयोग को गति मिलने की उम्मीद है।

महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच संभावनाओं पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बेल्जियम की विशेषज्ञता और भारत की व्यापक क्षमता एक-दूसरे की पूरक हैं।

यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर संवाद-कूटनीति का समर्थन

दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार साझा किए। पीएम मोदी ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से किए जाने की वकालत दोहराई।

उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं तथा दोनों देश संघर्षों को जल्द समाप्त करने और शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करते हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और बेल्जियम आतंकवाद के हर रूप को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

तीन शताब्दियों से अधिक पुराने हैं भारत-बेल्जियम संबंध

बेल्जियम के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनकी यात्रा पिछले साल मार्च में राजकुमारी एस्ट्रिड के नेतृत्व में भारत आए बेल्जियम के आर्थिक प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को आगे बढ़ाती है। उस दौरान दोनों देशों के बीच करीब 40 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे।

भारत और बेल्जियम के बीच संबंधों का इतिहास तीन शताब्दियों से अधिक पुराना है। बेल्जियम उन शुरुआती यूरोपीय देशों में शामिल था, जिसने स्वतंत्र भारत के साथ सितंबर 1947 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे।

नई दिल्ली में हुई ताजा बातचीत के बाद दोनों देशों के संबंधों में व्यापार और निवेश के साथ-साथ रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग के और विस्तार की संभावना बढ़ी है।

यह खबर शेयर करें
शेयर