नेशनल लोक अदालत की सफलता के लिए अधिवक्ताओं की बैठक
नर्मदापुरम में नेशनल लोक अदालत की सफलता को लेकर अधिवक्ताओं की बैठक हुई। लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों के अधिक से अधिक निराकरण तथा मीडिएशन पर जोर दिया गया।


नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार जिला न्यायालय नर्मदापुरम में आगामी नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर गुरुवार को अधिवक्ताओं की बैठक एवं मीडिएशन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला अधिवक्ता संघ नर्मदापुरम के सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तृप्ति शर्मा ने की। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने नेशनल लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण को लेकर चर्चा की।
लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों के चिन्हांकन पर जोर
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तृप्ति शर्मा ने बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं से अपील की कि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का भी अधिक से अधिक चिन्हांकन किया जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पक्षकारों को आपसी सहमति और संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण संभव हो सके।
उन्होंने अधिवक्ताओं से नेशनल लोक अदालत की सफलता में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की भूमिका पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से शीघ्र और सहमति आधारित समाधान के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण है।
मीडिएशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर चर्चा
बैठक के दौरान मीडिएशन (मध्यस्थता) के महत्व और विवादों के वैकल्पिक समाधान को लेकर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अधिवक्ताओं को बताया गया कि आपसी सहमति के माध्यम से विवादों का समाधान होने से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सकती है। मीडिएशन के माध्यम से पक्षकार संवाद के जरिए स्वीकार्य समाधान तक पहुंच सकते हैं।
न्यायिक अधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे मौजूद
बैठक में विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायाधीश सुश्री के. शिवानी, समस्त न्यायाधीशगण सहित जिला अधिवक्ता संघ नर्मदापुरम के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष नीरज पटेल, सचिव अनुपम दुबे, कार्यकारिणी सदस्य और बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
बैठक में नेशनल लोक अदालत के माध्यम से लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों के अधिक से अधिक निराकरण के लिए आवश्यक तैयारियों और अधिवक्ताओं के सहयोग को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायिक संस्थान और अधिवक्ता संघ के स्तर पर समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया।

