कारोबारी संदीप नागर आत्महत्या मामले में ब्लैकमेलिंग और आर्थिक दबाव के एंगल से जांच
इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र में कारोबारी संदीप उर्फ बंटी नागर की आत्महत्या मामले में पुलिस ब्लैकमेलिंग और आर्थिक दबाव के एंगल से जांच कर रही है। करोड़ों की संपत्ति की रजिस्ट्री और आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल जारी है।


इंदौर। पलासिया थाना क्षेत्र निवासी कारोबारी संदीप उर्फ बंटी नागर की आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस अब ब्लैकमेलिंग, आर्थिक दबाव और संपत्ति से जुड़े लेन-देन के एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान कारोबारी के संपत्ति संबंधी लेन-देन और कुछ प्रभावशाली लोगों से संपर्क से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आत्महत्या के पीछे किसी एक वजह की पुष्टि नहीं की है।
आत्महत्या से दो दिन पहले करोड़ों की संपत्ति की रजिस्ट्री
पुलिस के मुताबिक, संदीप नागर ने आत्महत्या से करीब दो दिन पहले करोड़ों रुपये कीमत के कुछ प्लॉट अपने नाम रजिस्टर्ड करवाए थे। इन संपत्तियों को लेकर कारोबारी और शहर के एक उद्योगपति के बीच लेन-देन की जानकारी पुलिस के सामने आई है।
अब जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन संपत्तियों की रजिस्ट्री किन परिस्थितियों में हुई थी और क्या इस लेन-देन का संदीप नागर की आत्महत्या से कोई संबंध था।
उद्योगपति की मौत के बाद परिवार से जुड़े आर्थिक लेन-देन की भी जांच
जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि शहर के एक उद्योगपति की मौत के बाद संदीप नागर ने उनकी पत्नी के आर्थिक मामलों में मदद की थी। पुलिस अब इस दौरान हुए वित्तीय लेन-देन, रकम के इस्तेमाल और संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है।
हालांकि, पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन आर्थिक गतिविधियों और कारोबारी की आत्महत्या के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं।
मोबाइल और दस्तावेजों से तलाशे जा रहे जवाब
पुलिस आत्महत्या से पहले संदीप नागर की गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। इसके लिए मोबाइल फोन, संपत्ति की रजिस्ट्री, आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
जांच का एक प्रमुख पहलू यह भी है कि क्या आत्महत्या से पहले संदीप नागर किसी व्यक्ति के दबाव में थे या उन्हें किसी तरह की ब्लैकमेलिंग का सामना करना पड़ रहा था।
संबंधित लोगों से पूछताछ संभव
पुलिस आत्महत्या से पहले की घटनाओं की कड़ियां जोड़ने के लिए मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर सकती है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि आत्महत्या से पहले कारोबारी की किन लोगों से बातचीत हुई थी और उस दौरान कोई आर्थिक या व्यक्तिगत दबाव तो नहीं था।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी वजह
फिलहाल पुलिस को जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं, लेकिन इनके आधार पर आत्महत्या की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि ब्लैकमेलिंग, आर्थिक लेन-देन, संपत्ति विवाद या किसी अन्य कारण की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

