ब्रेकिंग
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
Denva Post
सभी खबरें
दतिया · 24-09-2026

दतिया में भाजपा का नया संगठनात्मक अध्याय: 49 दिन बाद मानवेंद्र सिंह परिहार को कमान

उपचुनाव में हार के बाद भंग हुआ था पूरा जिला संगठन, अब नई टीम के गठन की तैयारी; संगठन में संतुलन साधने पर नजर

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 24-09-2026
शेयर
दतिया में भाजपा का नया संगठनात्मक अध्याय: 49 दिन बाद मानवेंद्र सिंह परिहार को कमान

दतिया। विधानसभा उपचुनाव में हार के करीब 49 दिन बाद भारतीय जनता पार्टी ने दतिया जिला संगठन को नया नेतृत्व दे दिया है। भाजपा ने मानवेंद्र सिंह परिहार को दतिया का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर नियुक्ति की घोषणा की गई। परिहार लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं और जिला महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

मानवेंद्र सिंह परिहार की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद दतिया का पूरा जिला संगठन भंग कर दिया गया था। अब नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति के साथ पार्टी के सामने जिला कार्यकारिणी, मंडल, मोर्चा और अन्य संगठनात्मक इकाइयों के पुनर्गठन की अगली चुनौती है।

उपचुनाव के बाद भंग कर दिया गया था पूरा संगठन

दतिया विधानसभा उपचुनाव का परिणाम 3 अगस्त को सामने आया था। इसके बाद भाजपा ने चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए समिति गठित की थी। समीक्षा के बाद 4 अगस्त को पार्टी ने तत्कालीन जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह सहित जिला कार्यकारिणी, मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ और अन्य संगठनात्मक इकाइयों को भंग कर दिया था।

पार्टी के इस फैसले के बाद दतिया में नए संगठनात्मक ढांचे को लेकर करीब डेढ़ महीने से अधिक समय तक इंतजार बना रहा। अब मानवेंद्र सिंह परिहार को जिलाध्यक्ष बनाए जाने के साथ पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

नरोत्तम मिश्रा का टिकट बदलने के बाद सामने आया था विरोध

उपचुनाव से पहले पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा दतिया में सक्रिय थे और चुनाव की तैयारियों में जुटे थे। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीदा था, लेकिन पार्टी ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया।

टिकट को लेकर दतिया में विरोध की स्थिति सामने आई थी। तत्कालीन जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह के इस्तीफे की खबरें भी सामने आईं, हालांकि बाद में उन्होंने संगठन के लिए काम किया। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को कांग्रेस के घनश्याम सिंह से 6,016 मतों से हार मिली। इसके बाद संगठन पर कार्रवाई हुई।

अब नई जिला कार्यकारिणी पर निगाह

मानवेंद्र सिंह परिहार को जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब अगली नजर नई जिला कार्यकारिणी पर है। पार्टी मंडल अध्यक्षों, मोर्चों, प्रकोष्ठों और अन्य संगठनात्मक जिम्मेदारियों पर किन नेताओं को मौका देती है, इससे दतिया में संगठन की आगामी दिशा स्पष्ट होगी।

परिहार पहले भी संगठन में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। कुछ रिपोर्टों में उन्हें विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के करीबी के रूप में बताया गया है। हालांकि, किसी नेता के साथ उनकी  राजनीतिक निकटता को लेकर किए गए ऐसे आकलन को संबंधित रिपोर्टों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

समाचार पढ़ें

दतिया में सक्रिय हैं नरोत्तम मिश्रा

उपचुनाव के बाद भी नरोत्तम मिश्रा दतिया में सक्रिय दिखाई दिए हैं। हालिया रिपोर्टों में उनके क्षेत्रीय कार्यक्रमों और भाजपा नेताओं से मुलाकातों का उल्लेख किया गया है। इसी वजह से नए जिलाध्यक्ष के सामने अलग-अलग स्थानीय नेताओं और संगठनात्मक धाराओं के बीच समन्वय बनाए रखने की चुनौती चर्चा में है।

हालांकि, नई जिला कार्यकारिणी का गठन होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पार्टी स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों का वितरण किस तरह करती है।

2028 के विधानसभा चुनाव से पहले संगठन की बड़ी परीक्षा

दतिया में भाजपा का नया संगठन ऐसे समय बन रहा है, जब पार्टी को आने वाले स्थानीय राजनीतिक कार्यक्रमों और 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को सक्रिय रखना होगा।

उपचुनाव के बाद संगठन भंग करने और अब नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति के बीच पार्टी ने दतिया में संगठनात्मक ढांचे में बदलाव का स्पष्ट संकेत दिया है। अब असली तस्वीर नई कार्यकारिणी के गठन के बाद सामने आएगी—कौन से चेहरे संगठन में जगह पाते हैं और स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारियों का संतुलन किस तरह बनाया जाता है, इस पर पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।

यह खबर शेयर करें
शेयर