बिप्लब देव का पहला संगठनात्मक दौर: गुटबाजी खत्म करने से लेकर योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने पर जोर
मध्यप्रदेश भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव के पहले संगठनात्मक दौर में गुटबाजी खत्म करने, संवाद बढ़ाने, सत्ता-संगठन में समन्वय और सरकारी योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।


भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव के पहले संगठनात्मक दौर में पार्टी के भीतर संवाद बढ़ाने और सत्ता-संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर खास जोर दिखाई दिया। भोपाल में हुई प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग प्रभारियों और मोर्चा अध्यक्षों की बैठकों से लेकर कोर ग्रुप की बैठक तक संगठन की कार्यशैली और सरकार के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
तीन महीने में मतभेद दूर करने का संदेश
बैठकों में सामने आई जानकारी के मुताबिक बिप्लब देव ने संगठन के पदाधिकारियों और प्रभारियों से आपसी मतभेद और गुटबाजी को बातचीत के जरिए दूर करने पर जोर दिया। इसके लिए जिला और संभाग स्तर पर संवाद और सक्रियता बढ़ाने की बात कही गई है।
बताया गया कि जिन मामलों में समझाइश के बाद भी समन्वय नहीं बन पा रहा है, उनकी जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। देव ने संगठन में पद मिलना और हटना सामान्य प्रक्रिया बताते हुए कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दिया।
संदेश यह भी रहा कि जिम्मेदारी में बदलाव किसी कार्यकर्ता को संगठन से दूर करने का कारण नहीं बनना चाहिए। शालीनता, अनुशासन और संवाद को संगठन की कार्यशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
नेताओं के चेहरों से ज्यादा योजनाओं पर फोकस
बैठक में भाजपा के प्रचार और जनसंपर्क के तौर-तरीकों को लेकर भी दिशा-निर्देश सामने आए। पदाधिकारियों से कहा गया कि होर्डिंग और बैनर में नेताओं की बड़ी तस्वीरों के बजाय केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा उनके लाभ को प्रमुखता दी जाए।
जेसीबी से फूल बरसाने और महंगे या बड़े स्वागत आयोजनों की बजाय सादगी पर जोर देने की बात भी सामने आई है। साथ ही कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं की जमीनी पहुंच पर नजर रखने की जिम्मेदारी देने पर जोर दिया गया है। यानी संगठन की भूमिका केवल राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर यह देखने तक भी बढ़ाने की बात है कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं।
कोर ग्रुप में सरकार-संगठन के तालमेल पर चर्चा
नए प्रदेश प्रभारी की मौजूदगी में हुई कोर ग्रुप की बैठक में भी संगठन और सरकार के बीच समन्वय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ नेताओं ने प्रशासनिक स्तर पर कामकाज और अधिकारियों के साथ समन्वय से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों का मुद्दा उठाया। वहीं, कार्यकर्ताओं से बेहतर संपर्क और संगठन की स्थिति को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
बूथ से सरकार की योजनाओं तक संगठन का फोकस
बिप्लब देव के शुरुआती संगठनात्मक दौर से पार्टी के सामने दो प्रमुख प्राथमिकताएं उभरती दिखाई दे रही हैं। पहली बूथ, मंडल, जिला और संभाग स्तर तक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद मजबूत करना। दूसरी केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाना।
ऐसे में नई संगठनात्मक टीम के सामने चुनौती केवल आंतरिक समन्वय बढ़ाने की नहीं है, बल्कि कार्यकर्ताओं को सरकार के काम से जोड़कर उसकी जानकारी जमीनी स्तर तक पहुंचाने की भी है।
आने वाले महीनों में जिला और संभाग स्तर की बैठकों के जरिए इस दिशा में आगे की रणनीति को और स्पष्ट किए जाने की संभावना है।

