त्योहारों से पहले महंगाई की मार: शक्कर 65 रुपये किलो, आटा-दाल समेत कई किराना सामान महंगे
त्योहारों से पहले भोपाल में शक्कर के दाम बढ़कर 65 रुपये किलो पहुंचे। आटा, मैदा, सूजी, चावल, दाल और सूखे मेवों के भाव में भी तेजी।


भोपाल। त्योहारों का सीजन शुरू होने के साथ ही महंगाई ने एक बार फिर आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। शक्कर, आटा, मैदा, सूजी, चावल, दाल, साबूदाना, मसाले और सूखे मेवों के दाम में तेजी देखने को मिल रही है। इनमें सबसे ज्यादा उछाल फिलहाल शक्कर के भाव में आया है।
पुराने भोपाल के बाजार में गुरुवार को शक्कर का थोक भाव करीब 63 रुपये किलो खुला, जबकि खुदरा बाजार में यह करीब 65 रुपये किलो बिक रही है। किराना व्यापारियों के मुताबिक पिछले करीब 18 दिनों में शक्कर के दाम में लगभग 18 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।
70 रुपये किलो तक पहुंच सकता है शक्कर का भाव
किराना व्यापारी संघ के अध्यक्ष विवेक साहू के मुताबिक शक्कर के दाम में तेजी लगातार बनी हुई है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि यही स्थिति जारी रही और सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो शक्कर का खुदरा भाव 70 रुपये किलो तक पहुंच सकता है।
व्यापारियों के अनुसार शक्कर की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। इनमें कम बारिश, गन्ने की खेती पर पड़ा असर, त्योहारों से पहले बाजार में पर्याप्त स्टॉक नहीं आना और गन्ने के इस्तेमाल से जुड़ी इथेनॉल नीति प्रमुख हैं।
कम बारिश से गन्ने की फसल पर असर
व्यापारियों का कहना है कि इस वर्ष गन्ने की खेती सामान्य स्थिति के अनुरूप नहीं हो सकी है। कम बारिश का असर गन्ने के उत्पादन पर पड़ा है। दूसरी ओर त्योहारों के सीजन में बाजार में जितना शक्कर स्टॉक पहुंचना चाहिए था, उतनी मात्रा में आपूर्ति नहीं हुई।
हालांकि आने वाले दिनों में बाजार में अधिक मात्रा में शक्कर का स्टॉक जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है। व्यापारियों ने सरकार से इथेनॉल नीति की भी समीक्षा करने की मांग की है। उनका कहना है कि गन्ने का एक हिस्सा इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने से शक्कर की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
आटा, मैदा और सूजी भी महंगी
महंगाई का असर सिर्फ शक्कर तक सीमित नहीं है। आटे के दाम करीब 28 रुपये से बढ़कर 30 से 34 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। मैदा भी करीब 30 रुपये से बढ़कर 34 रुपये किलो और सूजी 30 रुपये से बढ़कर 36 रुपये किलो तक पहुंच गई है।
चावल की कीमतों में भी करीब 5 से 7 रुपये किलो तक की तेजी बताई जा रही है। इसके अलावा दाल, साबूदाना, मसाले और सूखे मेवों के दाम भी बढ़े हैं।
व्यापारियों का कहना है कि किराना बाजार की कई वस्तुओं में तेजी है, लेकिन फिलहाल सबसे ज्यादा उछाल शक्कर के भाव में देखने को मिल रहा है।
त्योहारों में बढ़ सकती है शक्कर की मांग
आने वाले दिनों में त्योहारों के कारण शक्कर की मांग और बढ़ने की संभावना है। रक्षाबंधन के बाद जन्माष्टमी, करवाचौथ और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार आने हैं। इन अवसरों पर मिठाइयों और घरों में बनने वाले पकवानों की मांग बढ़ जाती है।
इसके बाद शादी का सीजन भी शुरू होगा। ऐसे में शक्कर के दाम में यदि राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में घरेलू बजट पर इसका अतिरिक्त असर पड़ सकता है।
10 किलो खरीदने वाला अब 5 किलो तक सीमित
शक्कर की कीमत बढ़ने का असर उपभोक्ताओं की खरीदारी पर भी दिखाई देने लगा है। व्यापारियों के मुताबिक पहले जो ग्राहक एक बार में 10 किलो शक्कर खरीदता था, वह अब करीब 5 किलो में काम चला रहा है। इसी तरह 5 किलो खरीदने वाला ग्राहक अब करीब 2 किलो शक्कर खरीदकर काम चला रहा है।
ग्राहक उम्मीद कर रहे हैं कि बाजार में जल्द ही कीमतों पर नियंत्रण आएगा, ताकि वे दोबारा जरूरत के मुताबिक खरीदारी कर सकें।
हालांकि शक्कर रोजमर्रा की जरूरत है और चाय से लेकर त्योहारों की मिठाइयों तक इसका इस्तेमाल होता है। इसलिए कीमत बढ़ने के बावजूद इसकी मांग खत्म नहीं होगी। लेकिन बढ़ती कीमतों के कारण उपभोक्ता खरीदारी की मात्रा कम कर रहे हैं।
त्योहारों के बीच बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों के सामने एक बार फिर घरेलू बजट संभालने की चुनौती खड़ी कर दी है। अब निगाहें बाजार में शक्कर की आवक और सरकार की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं।