बैतूल में अवैध क्लिनिक और पैथोलॉजी लैब पर कार्रवाई, चार संस्थान सील
खेड़ीसांवलीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम का औचक निरीक्षण; बिना वैध डिग्री मरीजों का इलाज करने के आरोप, दो क्लिनिक संचालकों को नोटिस


बैतूल। जिले के खेड़ीसांवलीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की है। औचक निरीक्षण के दौरान बिना वैध चिकित्सा डिग्री के मरीजों का इलाज करने वाले तीन क्लिनिक और नियमों के विपरीत संचालित एक पैथोलॉजी लैब मिली। टीम ने चारों संस्थानों को सील कर दिया। इसके अलावा, क्लिनिक का पंजीयन नहीं कराने वाले दो अन्य संचालकों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बिना वैध डिग्री मरीजों को दे रहे थे दवाइयां
स्वास्थ्य विभाग को खेड़ीसांवलीगढ़ क्षेत्र में बिना वैध चिकित्सा योग्यता के क्लिनिक संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। शिकायत के आधार पर विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान तीन क्लिनिक में संचालक बिना वैध चिकित्सा डिग्री के मरीजों को दवाइयां देते और इंजेक्शन लगाते पाए गए। अधिकारियों ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए तीनों क्लिनिक को तत्काल सील कर दिया। कार्रवाई का उद्देश्य बिना आवश्यक योग्यता के चिकित्सा सेवाएं देने पर रोक लगाना और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया गया है।
बिना पंजीयन और अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था के चल रही थी लैब
निरीक्षण के दौरान एक पैथोलॉजी लैब भी नियमों के विपरीत संचालित मिली। जांच में लैब का आवश्यक पंजीयन नहीं पाया गया। इसके अलावा, जैव चिकित्सा अपशिष्ट के प्रबंधन से संबंधित निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई।
चिकित्सा जांच के दौरान निकलने वाले जैव चिकित्सा अपशिष्ट का उचित निस्तारण नहीं होने से संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। ऐसे में मरीजों और आसपास के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए टीम ने संबंधित पैथोलॉजी लैब को भी सील कर दिया।
डिग्री होने के बावजूद पंजीयन नहीं, दो संचालकों को नोटिस
कार्रवाई के दौरान दो अन्य क्लिनिक भी जांच के दायरे में आए। इन क्लिनिक के संचालकों के पास चिकित्सा डिग्री होने की जानकारी मिली, लेकिन उनके संस्थानों का स्वास्थ्य विभाग में आवश्यक पंजीयन नहीं कराया गया था।
विभाग ने दोनों संचालकों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तय समय में आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर इन क्लिनिक के खिलाफ भी सीलिंग सहित नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
अवैध चिकित्सा संस्थानों पर आगे भी होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. प्रांजल उपाध्याय ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीम ने पुलिस के साथ खेड़ीसांवलीगढ़ क्षेत्र में निरीक्षण किया था। जांच में नियमों के विपरीत संचालित तीन क्लिनिक और एक पैथोलॉजी लैब मिलने पर उन्हें सील कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अवैध रूप से संचालित चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों की सुरक्षा का सवाल
खेड़ीसांवलीगढ़ में हुई यह कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित निजी चिकित्सा संस्थानों की नियमित जांच की जरूरत को सामने लाती है। इलाज के लिए क्लिनिक पहुंचने वाले मरीज अक्सर संचालक की योग्यता, संस्थान के पंजीयन और जांच सुविधाओं की वैधता की पुष्टि नहीं कर पाते।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है कि चिकित्सा संस्थानों की योग्यता, पंजीयन, संक्रमण नियंत्रण और जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि मरीजों को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
