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उज्जैन · 8 मिनट पहले

सिंहस्थ 2028 के लिए मिल रहा जनसहयोग दुनिया के लिए उत्कृष्ट उदाहरण: CM मोहन यादव

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर CM मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में विकास कार्यों को जनसहयोग मिल रहा है। पंचम सवारी में चन्द्रमौलेश्वर का पूजन कर खुशहाली की कामना की।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 8 मिनट पहले
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सिंहस्थ 2028 के लिए मिल रहा जनसहयोग दुनिया के लिए उत्कृष्ट उदाहरण: CM मोहन यादव

उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन बाबा महाकाल की नगरी होने के साथ देश के प्रमुख पवित्र नगरों में शामिल है। उज्जैन की आभा और धार्मिक पहचान सदियों से कायम है। अब शहर सिंहस्थ 2028 के आयोजन के साथ अपने गौरव को नए रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री सोमवार को भगवान महाकालेश्वर की पंचम सवारी के रामघाट पहुंचने के अवसर पर प्रसारण कक्ष से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पालकी में विराजित भगवान चन्द्रमौलेश्वर का विधि-विधान से पूजन किया और नागरिकों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

नाव से रामघाट पहुंचे मुख्यमंत्री

भगवान महाकालेश्वर की पंचम सवारी सोमवार को निर्धारित समय पर महाकालेश्वर मंदिर से निकली। सवारी के रामघाट पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पालकी में विराजित भगवान चन्द्रमौलेश्वर की पूजा-अर्चना की।

पुजारी पं. आशीष शर्मा ने भगवान चन्द्रमौलेश्वर का मां शिप्रा के जल से जलाभिषेक कराया। सवारी के रामघाट पहुंचने पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई।

मुख्यमंत्री दत्त अखाड़ा क्षेत्र से नाव के माध्यम से रामघाट पहुंचे। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा, बड़नगर विधायक जितेंद्र उदय सिंह पंड्या, उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी, संजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्यों को मिल रहा जनसहयोग

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के साथ विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय नागरिकों का स्वैच्छिक सहयोग देखने को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार कई लोगों ने विकास कार्यों के लिए अपने मकान स्वयं हटाकर सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों द्वारा धार्मिक स्थलों सहित अन्य संरचनाओं को भी स्वेच्छा से हटाकर विकास कार्यों में सहयोग देना देश और दुनिया के लिए एक उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सिंहस्थ 2028 को भव्य और दिव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है।

करोड़ों श्रद्धालुओं ने देखा पंचम सवारी का सीधा प्रसारण

भगवान महाकालेश्वर की पंचम सवारी का विशेष सजीव प्रसारण किया गया। इसके माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों में रहने वाले श्रद्धालु भी सवारी के दर्शन से जुड़े।

सवारी मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इनमें बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल थे। पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

भारत की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति दुनिया में रुचि बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि उज्जैन में महाकाल लोक के निर्माण के बाद धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। अब मध्यप्रदेश की प्राकृतिक, वन्य, पुरातात्विक और सांस्कृतिक विरासत से भी देश-दुनिया को परिचित कराने के प्रयास किए जाएंगे।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का भी प्रतीक है। बाबा महाकाल की सवारी में उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक परंपराओं का समन्वय देखने को मिलता है।

उन्होंने कहा कि सावन के पवित्र महीने में बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलते हैं और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उनके दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बाबा महाकाल से सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के आयोजन को लेकर प्रदेश सरकार व्यापक स्तर पर तैयारियां कर रही है और इसमें नागरिकों की सहभागिता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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