डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर राज्यसभा सांसद माया नारोलिया सम्मानित
नई दिल्ली में ‘परम्परा से प्रतिभा’ समारोह में राज्यसभा सांसद माया नारोलिया को समाज, संस्कृति, कला और मानवता में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।


नई दिल्ली। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद माया नारोलिया को समाज, संस्कृति, कला एवं मानवता के क्षेत्र में योगदान के लिए नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में सम्मानित किया गया। हिन्दुस्थान आर्ट एंड म्यूजिक सोसाइटी द्वारा आयोजित ‘परम्परा से प्रतिभा’ समारोह में सांसद माया नारोलिया का नागरिक अभिनंदन किया गया।
यह आयोजन नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित गोदावरी ऑडिटोरियम (आंध्रा एसोसिएशन) में आयोजित किया गया। समारोह में देशभर से कला, संस्कृति, शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र से जुड़े गणमान्यजन शामिल हुए।
शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर किया सम्मान
समारोह के दौरान समाज एवं मानवता के उत्थान, सामाजिक सरोकारों के प्रति निरंतर सक्रियता तथा राष्ट्र सेवा में योगदान के लिए राज्यसभा सांसद माया नारोलिया को शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
आयोजकों की ओर से सांसद के सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम में भारतीय कला और संस्कृति की परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।
सम्मान को बताया गर्व और आत्मिक संतोष का क्षण
सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने संबोधन में सांसद माया नारोलिया ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर कला, संस्कृति और राष्ट्र समर्पण को समर्पित मंच पर सम्मानित होना उनके लिए गर्व, विनम्रता और आत्मिक संतोष का क्षण है।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास, स्नेह और आशीर्वाद का प्रतिफल है।
समाज के अंतिम व्यक्ति की सेवा का लिया संकल्प
माया नारोलिया ने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक ऊर्जा, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करने के लिए प्रेरित करेगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और उसके मूल्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
सांसद ने कार्यक्रम के भव्य आयोजन के लिए हिन्दुस्थान आर्ट एंड म्यूजिक सोसाइटी के पदाधिकारियों तथा समारोह में उपस्थित प्रबुद्धजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समारोह में कला, संस्कृति, शिक्षा और समाजसेवा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।
