मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान की शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण करें, लापरवाही पर नोटिस: कलेक्टर सोमेश मिश्रा
नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जनविश्वास अभियान की शिकायतों के शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश दिए। 94% से कम खाद्यान्न वितरण पर नोटिस और कार्रवाई ।


नर्मदापुरम। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत चिन्हित एवं लंबित शिकायतों का समय-सीमा में शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं। यह निर्देश कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने सोमवार को आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में प्रस्तावित मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के शिविर की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने एसडीएम पिपरिया को निर्देश दिए कि शिविर से पहले चिन्हित सभी शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिविर में पहुंचने वाले नागरिकों को उनकी समस्याओं का समाधान मिल सके।
संस्थानों का मैदानी निरीक्षण करें अधिकारी
कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को अपने-अपने विभाग के अंतर्गत आने वाले संस्थानों का आवश्यक रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयीन कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि विभागीय संस्थानों की व्यवस्थाओं का मैदानी स्तर पर जायजा लें।
उन्होंने निर्देश दिए कि संस्थानों के निरीक्षण के बाद तैयार की गई रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर जताई नाराजगी
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज नॉन-अटेंडेड शिकायतों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को समय पर अटेंड नहीं करने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं।
कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नागरिकों द्वारा दर्ज शिकायतों का समय-सीमा में परीक्षण करते हुए संतुष्टिपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की भी विशेष रूप से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने दोनों विभागों के अधिकारियों को लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए।
94 प्रतिशत से कम खाद्यान्न वितरण पर कार्रवाई
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जिले में खाद्यान्न वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन सेल्समैन अथवा समितियों द्वारा 94 प्रतिशत से कम खाद्यान्न वितरण किया गया है, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। संबंधित कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि आगामी दो दिनों में खाद्यान्न वितरण की प्रगति की दोबारा समीक्षा की जाएगी। यदि इस दौरान भी किसी सेल्समैन या समिति स्तर पर वितरण 94 प्रतिशत से कम पाया जाता है, तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई के प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
खाद-उर्वरक वितरण की भी होगी नियमित निगरानी
बैठक में खाद एवं उर्वरक वितरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन पोर्टल पर काम के दौरान तकनीकी समस्या आने पर तत्काल प्रदेश स्तर के अधिकारियों से समन्वय कर उसका समाधान कराया जाए।
उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्या के कारण खाद वितरण का कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। समिति स्तर पर खाद एवं उर्वरक वितरण की नियमित समीक्षा करने तथा जिले में उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने समितिवार खाद के उठाव की रिपोर्ट प्रत्येक सप्ताह अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने को कहा।
मूंग उपार्जन का किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करें
मूंग उपार्जन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने किसानों को उपार्जित मूंग का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी एक सप्ताह में सभी ईपीओ बैंक स्तर पर प्रेषित किए जाएं, जिससे किसानों को उनकी उपज का भुगतान शीघ्र मिल सके।
कलेक्टर ने जिला स्तर पर उपार्जन सेल गठित करने के निर्देश भी दिए। इसमें उपार्जन से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। यह सेल उपार्जन अवधि के दौरान पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
स्वामित्व योजना में लापरवाही पर तहसीलदार और पटवारी पर होगी कार्रवाई
स्वामित्व योजना के तहत द्वितीय प्रकाशन के लिए लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों में शीघ्र कार्रवाई कर जिला स्तर पर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय-सीमा में द्वितीय प्रकाशन नहीं होने पर संबंधित तहसीलदार और पटवारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सामुदायिक वन अधिकार मामलों के निराकरण के निर्देश
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को प्रत्येक सप्ताह एसडीएलसी की बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम के तहत सामुदायिक वन अधिकार से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अपर कलेक्टर राजेश शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
