सिंगरौली में विधायक की कार फायर ब्रिगेड से धोने का वीडियो वायरल
सिंगरौली में भाजपा विधायक रामनिवास शाह की निजी कार को फायर ब्रिगेड से धोने का कथित वीडियो वायरल है। सरकारी संसाधनों के निजी इस्तेमाल पर सवाल उठे।


सिंगरौली। सिंगरौली में नगर निगम की फायर ब्रिगेड से भाजपा विधायक रामनिवास शाह की निजी कार धोए जाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में विधायक के बिलौंजी स्थित शासकीय आवास के बाहर खड़ी एक कार पर फायर ब्रिगेड वाहन से पाइप के जरिए पानी डाला जाता दिखाई दे रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद सरकारी संसाधनों के कथित निजी इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन सेवा के लिए तैनात वाहन और कर्मचारियों का उपयोग निजी वाहन की धुलाई के लिए किया जाना गंभीर विषय है। हालांकि, वायरल वीडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फायर ब्रिगेड से कार धोने का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में नगर निगम की फायर ब्रिगेड का वाहन दिखाई दे रहा है। वाहन से पाइप के जरिए पानी डालकर शासकीय आवास के बाहर खड़ी कार को धोए जाने का दावा किया जा रहा है।
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाया कि यदि फायर ब्रिगेड वाहन का इस्तेमाल निजी कार की धुलाई के लिए किया गया है, तो इसकी अनुमति किस स्तर से दी गई थी। साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि आपातकालीन सेवा के लिए उपलब्ध संसाधनों को निजी काम में लगाने का निर्णय किसके निर्देश पर लिया गया।
सरकारी संसाधनों के निजी इस्तेमाल पर सवाल
फायर ब्रिगेड वाहनों का मुख्य उद्देश्य आगजनी और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य करना है। ऐसे में इनके कथित निजी इस्तेमाल को लेकर अब नगर निगम की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
लोगों की मांग है कि वायरल वीडियो की वास्तविकता की जांच की जाए और यदि सरकारी वाहन का इस्तेमाल निजी कार्य के लिए किया जाना सही पाया जाता है, तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
विधायक और नगर निगम आयुक्त का पक्ष सामने नहीं आया
मामले में नगर निगम कमिश्नर सविता प्रधान और विधायक रामनिवास शाह की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि फायर ब्रिगेड वाहन को निजी कार की धुलाई के लिए इस्तेमाल करने की कोई अनुमति दी गई थी या नहीं।
वीडियो की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया, इसमें दिखाई दे रही कार किसकी है और फायर ब्रिगेड वाहन के इस्तेमाल के पीछे क्या कारण था, इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने और यदि सरकारी संसाधनों का नियम विरुद्ध इस्तेमाल हुआ है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है।