MP में सड़कों और भवनों की गुणवत्ता पर PWD सख्त, 35 निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण; ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश
मध्य प्रदेश में PWD ने 35 सड़क और भवन निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। शहडोल में ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया, कई कार्यों में नोटिस और सुधार के निर्देश।


भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़कों और भवनों के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सख्ती बढ़ा दी है। 20 अगस्त को विभाग की सात टीमों ने रायसेन, नरसिंहपुर, शिवपुरी, खंडवा, शहडोल, शाजापुर और सागर जिलों में अचानक निरीक्षण कर 35 निर्माण कार्यों की जांच की। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर निर्माण की गुणवत्ता और काम की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को कमियां दूर कराने के साथ जिम्मेदार ठेकेदारों और इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
शहडोल में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
शहडोल जिले में सरना से करकट रोड के निर्माण की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं मिली। निरीक्षण के बाद संबंधित ठेकेदार के खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी जिले में गेरुई से जेमुनिहा सड़क का निर्माण भी धीमी गति से चलता मिला। विभाग ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
सागर में सड़क और स्कूल भवन के काम में मिली कमी
सागर जिले में बसाहरी पीएमजीएसवाई रोड से निवाड़ी रोड का निर्माण भी निर्धारित अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं मिला। मामले में संबंधित उपयंत्री और एसडीओ को नोटिस देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ठेकेदार को 15 दिन में काम पूरा करने को कहा गया है।
वहीं, गढ़ोला जागीर, खुरई में सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल भवन के निर्माण में भी कमियां सामने आईं। निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित कंसल्टेंट को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
35 निर्माण कार्यों की जांच
औचक निरीक्षण के दौरान PWD की सड़क और पुल से संबंधित 21 कार्य, परियोजना क्रियान्वयन इकाई के 5 भवन, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के 7 कार्य और मध्य प्रदेश भवन विकास निगम (MPBDC) के 2 कार्य जांच के दायरे में रहे।
इनके अलावा अन्य कार्यों में भी जहां कमियां पाई गईं, वहां संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
बारिश में पुल-पुलियों की सुरक्षा पर विशेष नजर
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव ने अधिकारियों को बारिश के दौरान पुल-पुलियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की मरम्मत को प्राथमिकता देने के साथ सभी संधारण कार्य 30 सितंबर तक पूरा करने को कहा है। खासतौर पर रीवा-शहडोल क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
किसी पुल या सड़क से जुड़ी आपात स्थिति सामने आने पर उसकी जानकारी तत्काल इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) में दर्ज करनी होगी, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
लोकपथ ऐप की शिकायतों का कागजी निराकरण नहीं
विभाग ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन और लोकपथ ऐप से प्राप्त शिकायतों के निराकरण को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि शिकायतों का केवल कागजों में निराकरण न किया जाए, बल्कि मौके पर समस्या का समाधान कर शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए।
लोकपथ ऐप पर दर्ज शिकायतों को चार दिन के भीतर हल करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, आपात स्थिति में MPRDC की 1099 हेल्पलाइन पर सूचना देने की व्यवस्था भी बताई गई है।
PWD की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयसीमा और शिकायतों के वास्तविक निराकरण को लेकर विभाग अब नियमित निरीक्षण और जवाबदेही की व्यवस्था को और सख्त करने की दिशा में काम कर रहा है।