सेंट्रल जेल खंड ‘अ’ में नि:शुल्क मेडिकल एवं फिजियोथेरेपी चेक-अप कैंप आयोजित
सेंट्रल जेल खंड ‘अ’ में नि:शुल्क मेडिकल एवं फिजियोथेरेपी कैंप आयोजित हुआ। डॉ. ब्रजेश यादव ने करीब 70 कैदियों की जांच कर उपचार व स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया।


नर्मदापुरम। सेंट्रल जेल खंड ‘अ’ में कैदियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नि:शुल्क मेडिकल एवं फिजियोथेरेपी चेक-अप कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में मशहूर न्यूरोलॉजिस्ट एवं फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. ब्रजेश यादव ने करीब 70 कैदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के अनुसार आवश्यक उपचार एवं फिजियोथेरेपी संबंधी परामर्श दिया।
कैंप के दौरान बड़ी संख्या में कैदियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इनमें पीठ दर्द, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव तथा नसों से संबंधित विभिन्न प्रकार की समस्याएं सामने आईं। डॉ. ब्रजेश यादव ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार, व्यायाम और फिजियोथेरेपी से संबंधित जरूरी सुझाव दिए।
जेल अधीक्षक संतोष सोलंकी एवं जेलर प्रहलाद वरकड़े ने कहा कि जेल में इस तरह के स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने से कैदियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध होती हैं। ऐसे शिविर उनके स्वास्थ्य के लिए काफी उपयोगी हैं और समय-समय पर इस प्रकार के आयोजन होते रहना चाहिए।
कैंप के आयोजन में अरुण यादव, शरद यादव एवं अजय पटेल ने डॉ. ब्रजेश यादव के सहयोगी के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कीं। वहीं जेल विभाग की ओर से अष्टकोण अधिकारी उम्मेद मेहुने, लाखन सिंह राणा एवं अक्षय श्रीवास्तव ने नि:शुल्क मेडिकल कैंप के आयोजन में सहयोग करने वाले समाजसेवी भावना बिष्ट, हेल्थ एक्टिविस्ट डॉ. मयंक तोमर एवं डॉ. ब्रजेश यादव को पौधे भेंटकर आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन हेल्थ एक्टिविस्ट डॉ. मयंक तोमर ने किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित वर्गों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस तरह के नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार और स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कैंप के दौरान जेल प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। शिविर में कैदियों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुनकर विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा आवश्यक परामर्श दिया गया। जेल प्रशासन एवं शिविर से जुड़े आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।
