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काम की बात · 05-07-2026

बिजली उपभोक्ता रहें सावधान: फर्जी कॉल और मैसेज से हो रही साइबर ठगी, कंपनी ने जारी किया अलर्ट

बिजली काटने की धमकी देकर ठग रहे साइबर जालसाज, बिल भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से ही करें नर्मदापुरम। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को फर्जी कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों के जरिए हो रही साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है। कंपनी ने…

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समाचार डेस्क · 05-07-2026
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बिजली काटने की धमकी देकर ठग रहे साइबर जालसाज, बिल भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से ही करें

नर्मदापुरम। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं को फर्जी कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप संदेशों के जरिए हो रही साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उपभोक्ता को बिजली काटने की धमकी देकर निजी मोबाइल नंबर से भुगतान कराने संबंधी कॉल या संदेश नहीं भेजे जाते। ऐसे सभी संदेश और कॉल साइबर जालसाजों की धोखाधड़ी का हिस्सा हैं।

कंपनी के अनुसार भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों के उपभोक्ता अपने बिजली बिल का भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से ही करें। नगद भुगतान कंपनी के जोन या वितरण केंद्र कार्यालय, पीओएस मशीन, एमपी ऑनलाइन और कॉमन सर्विस सेंटर पर किया जा सकता है। वहीं ऑनलाइन भुगतान कंपनी के पोर्टल, यूपीआई, नेट बैंकिंग, क्रेडिट-डेबिट कार्ड, बीबीपीएस, फोनपे, गूगल पे, पेटीएम, अमेज़न पे, व्हाट्सएप पे और उपाय मोबाइल एप के माध्यम से सुरक्षित रूप से किया जा सकता है।

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कंपनी के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कंपनी की ओर से भेजे जाने वाले आधिकारिक एसएमएस केवल CCMPCZ सेंडर आईडी से तथा व्हाट्सएप संदेश केवल 07552551222 नंबर से ही भेजे जाते हैं। यदि किसी अन्य निजी नंबर या सेंडर आईडी से बिजली बिल जमा करने या बिजली काटने की चेतावनी वाला संदेश प्राप्त होता है, तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें।

अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठग उपभोक्ताओं को यह कहकर डराने की कोशिश करते हैं कि कुछ ही घंटों में बिजली काट दी जाएगी। इसके बाद वे किसी लिंक पर क्लिक करने, विशेष नंबर दबाने या किसी निजी खाते में राशि भेजने के लिए कहते हैं। कई मामलों में उपभोक्ताओं से उनका पिन या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी भी मांगी जाती है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह कभी भी इस प्रकार की जानकारी फोन या व्हाट्सएप के माध्यम से नहीं मांगती।

कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, व्हाट्सएप संदेश या लिंक के झांसे में न आएं, किसी भी निजी मोबाइल नंबर पर बिजली बिल की राशि स्थानांतरित न करें और अपना एटीएम पिन, ओटीपी या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

यदि किसी उपभोक्ता के साथ साइबर धोखाधड़ी की घटना होती है, तो उसकी सूचना तुरंत भारत सरकार की राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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