चर्चित स्टिंग पर एक्शन: FIR हुई; व्यापारी की मूंग खरीदने के आरोप थे, कार्रवाई अमानक मूंग पर हुई
स्टिंग में सामने आए दो खरीदी केंद्रों पर कार्रवाई के बाद उठे सवाल; प्रशासन कह रहा कार्रवाई अपनी जांच के आधार पर, लेकिन पुलिस आवेदन में प्रकाशित खबर का भी संदर्भ


नर्मदापुरम। ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी को लेकर सामने आए चर्चित स्टिंग ऑपरेशन के बाद प्रशासन की ओर से कार्रवाई हुई है। संबंधित मामले में पुलिस को आवेदन देकर FIR दर्ज कराई गई है। हालांकि कार्रवाई के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर नए सवाल भी खड़े हो गए हैं।
स्टिंग ऑपरेशन में आरोप व्यापारियों की मूंग को किसानों की उपज के तौर पर खरीदी व्यवस्था में शामिल किए जाने से जुड़े थे। इसके बाद जिन खरीदी केंद्रों का स्टिंग में उल्लेख सामने आया, उन्हीं केंद्रों पर अमानक मूंग की खरीदी को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई हुई।
पुलिस को दिए आवेदन में संबंधित खरीदी केंद्रों के निरीक्षण, मूंग के निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने और आगे की कार्रवाई का उल्लेख है। साथ ही दस्तावेज में इस पूरे मामले से संबंधित प्रकाशित समाचार की छायाप्रति का भी संदर्भ दिया गया है।
यहीं से सवाल यह है कि स्टिंग में उठे मूल आरोपों की जांच का क्या हुआ?
स्टिंग में सामने आए लोगों पर FIR क्यों नहीं?
स्टिंग ऑपरेशन में जिन लोगों के माध्यम से कथित तौर पर व्यापारियों की मूंग खरीदी से जुड़े आरोप सामने आए थे, उनके संबंध में अलग से कोई FIR या आपराधिक कार्रवाई सामने नहीं आई है।
यदि जांच में स्टिंग में लगाए गए आरोप सही नहीं पाए गए, तो क्या प्रशासन ने इसकी जांच कर उन्हें खारिज किया? और यदि इन आरोपों की जांच हुई ही नहीं, तो कार्रवाई का दायरा सिर्फ अमानक मूंग की खरीदी तक कैसे सीमित हो गया?
यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमानक मूंग की खरीदी और व्यापारी की मूंग को किसान की उपज के रूप में खरीदे जाने का आरोप दो अलग-अलग मुद्दे हैं।
प्रशासन कह रहा कार्रवाई खुद की जांच पर, फिर FIR में खबर का जिक्र क्यों?
प्रशासन की कार्रवाई का आधार विभागीय निरीक्षण और जांच बताया जा रहा है। यानी कार्रवाई किसी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद हुई।
लेकिन पुलिस को दिए गए आवेदन में संबंधित घटनाक्रम के साथ दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर की छायाप्रति को संदर्भ के रूप में लगाए जाने का उल्लेख है।
ऐसे में सवाल यह है कि यदि कार्रवाई पूरी तरह प्रशासन की अपनी जांच का परिणाम थी, तो पुलिस को दिए आवेदन में प्रकाशित खबर को संदर्भ के रूप में शामिल करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
क्या प्रकाशित खबर के बाद संबंधित केंद्र प्रशासन की जांच के दायरे में आए या पहले से ही इन केंद्रों की जांच चल रही थी? इसका स्पष्ट क्रम सामने आना जरूरी है।
स्टिंग में जिन दो केंद्रों का खुलासा, कार्रवाई भी उन्हीं पर क्यों?
घटनाक्रम का एक और महत्वपूर्ण पहलू कार्रवाई के समय और उसके दायरे से जुड़ा है।
स्टिंग ऑपरेशन में जिन दो खरीदी केंद्रों को लेकर सवाल सामने आए, बाद में प्रशासनिक कार्रवाई भी उन्हीं केंद्रों पर अमानक मूंग की खरीदी को लेकर हुई।
इसे महज संयोग माना जाए या स्टिंग के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर इन्हीं केंद्रों को प्राथमिकता से जांचा गया—यह स्पष्ट नहीं है।
अगर जिले में कई खरीदी केंद्रों पर मूंग की खरीदी चल रही थी, तो क्या सभी केंद्रों का इसी तरह निरीक्षण किया गया? यदि किया गया तो कितने केंद्रों पर अमानक मूंग मिली? और यदि केवल इन दो केंद्रों पर कार्रवाई हुई तो इसके पीछे जांच का आधार क्या था?
व्यापारी की मूंग खरीदने के आरोप थे, मामला सिर्फ अमानक मूंग का क्यों?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है।
स्टिंग में कथित तौर पर व्यापारियों की मूंग को खरीदी व्यवस्था में शामिल किए जाने को लेकर सवाल उठे थे। लेकिन प्रशासन की कार्रवाई का केंद्र अब मूंग की गुणवत्ता और उसे अमानक पाए जाने पर है।
यहां दो अलग-अलग सवाल हैं—
पहला, क्या खरीदी केंद्रों पर निर्धारित गुणवत्ता से कम मूंग खरीदी गई?
दूसरा, क्या व्यापारियों की मूंग को किसानों की उपज बताकर खरीदी व्यवस्था में शामिल किया गया?
पहले सवाल पर कार्रवाई हुई है, लेकिन दूसरे सवाल पर क्या जांच हुई, इसका स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
यदि व्यापारी की मूंग खरीदे जाने का आरोप गलत पाया गया तो उसकी जांच का निष्कर्ष क्या रहा? और यदि इसकी जांच नहीं हुई तो पूरे मामले को सिर्फ अमानक मूंग की खरीदी तक सीमित करने का आधार क्या है?
कलेक्टर ने कहा : शिकायत मिली तो होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने देनवपोस्ट से बातचीत में बताया कि माखन नगर में वेयरहाउस संचालक, समिति प्रबंधक और सर्वेयर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले के अन्य खरीदी केंद्रों से भी यदि अनियमितता या शिकायत सामने आती है, तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

