मध्यप्रदेश में राजस्व संग्रहण 11.37% बढ़ा, छह महीने में मिले 44,711 करोड़ रुपये; आबकारी विभाग सबसे आगे
मध्यप्रदेश में अप्रैल से सितंबर 2026 तक राजस्व संग्रहण 11.37% बढ़कर 44,711 करोड़ रुपये पहुंचा। आबकारी विभाग ने लक्ष्य का 98.68% हासिल किया।


भोपाल। मध्यप्रदेश में चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती छह महीनों में राजस्व संग्रहण में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच वाणिज्यिक कर, आबकारी और पंजीयन एवं मुद्रांक विभागों ने मिलकर 44,711 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 40,147 करोड़ रुपये था। इस तरह तीनों विभागों के राजस्व संग्रहण में सालाना आधार पर 11.37 प्रतिशत यानी 4,564 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
तीनों विभागों ने छह महीने के लिए निर्धारित 47,439 करोड़ रुपये के लक्ष्य का 94.25 प्रतिशत हासिल कर लिया है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी छह महीने बाकी हैं। ऐसे में शेष लक्ष्य पूरा करने के लिए विभागों को 2,728 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाना होगा। तीनों विभागों में आबकारी विभाग का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है, जिसने अपने निर्धारित लक्ष्य का 98.68 प्रतिशत हासिल कर लिया है।
वाणिज्यिक कर विभाग ने जुटाए 28,385 करोड़ रुपये
राजस्व संग्रहण के मामले में वाणिज्यिक कर विभाग सबसे आगे रहा। विभाग को अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 30,686 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसके मुकाबले 28,385 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस तरह विभाग ने अपने लक्ष्य का 92.50 प्रतिशत हासिल किया।
पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में वाणिज्यिक कर विभाग ने 26,052 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया था। इस बार संग्रहण में 8.96 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, विभाग को निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए अभी 2,301 करोड़ रुपये और जुटाने होंगे।
आबकारी विभाग लक्ष्य के सबसे करीब
आबकारी विभाग ने राजस्व संग्रहण में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। अप्रैल से सितंबर के बीच विभाग को 9,900 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य दिया गया था, जिसके मुकाबले 9,769 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस तरह विभाग ने अपने लक्ष्य का 98.68 प्रतिशत हासिल कर लिया है।
पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में आबकारी विभाग का राजस्व संग्रहण 8,295 करोड़ रुपये था। इस बार यह बढ़कर 9,769 करोड़ रुपये हो गया है। इस तरह विभाग के राजस्व में 17.77 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। तीनों विभागों में आबकारी विभाग की वृद्धि दर सबसे अधिक रही।
पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग से मिले 6,557 करोड़ रुपये
पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने भी राजस्व संग्रहण में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की है। अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान विभाग को 6,853 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था। इसके मुकाबले 6,557 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो निर्धारित लक्ष्य का 95.68 प्रतिशत है।
पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में विभाग ने 5,800 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया था। इस बार संग्रहण में 13.06 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। विभाग को छह महीने का लक्ष्य पूरा करने के लिए अब 296 करोड़ रुपये और जुटाने होंगे।
अप्रैल में लक्ष्य से ज्यादा राजस्व, सितंबर में 96.25% वसूली
मासिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में तीनों विभागों का संयुक्त प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। इस महीने 7,411 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 7,938 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया गया। यह निर्धारित लक्ष्य का 107.11 प्रतिशत है। पिछले साल अप्रैल की तुलना में इस बार राजस्व संग्रहण में 35.74 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वहीं, सितंबर 2026 में तीनों विभागों ने 6,936 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 6,676 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। इस तरह सितंबर में लक्ष्य का 96.25 प्रतिशत हासिल किया गया। पिछले साल सितंबर की तुलना में इस बार राजस्व संग्रहण 12.89 प्रतिशत अधिक रहा।
अगले छह महीने में लक्ष्य पूरा करने पर रहेगा जोर
वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों में राजस्व संग्रहण में हुई बढ़ोतरी से राज्य के राजस्व में सुधार के संकेत मिले हैं। तीनों विभाग अब तक निर्धारित लक्ष्य का 94.25 प्रतिशत हासिल कर चुके हैं। शेष छह महीनों में 2,728 करोड़ रुपये जुटाकर छह महीने के निर्धारित लक्ष्य के बाकी हिस्से को पूरा करना होगा।
वाणिज्यिक कर विभाग का कुल संग्रहण सबसे अधिक रहा, जबकि राजस्व वृद्धि और लक्ष्य प्राप्ति के मामले में आबकारी विभाग आगे रहा। अब देखना होगा कि वित्तीय वर्ष के शेष छह महीनों में विभाग राजस्व संग्रहण की इस गति को कितना बनाए रख पाते हैं।

