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भोपाल · 5 मिनट पहले

भोपाल एम्स में 260 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने पर हंगामा, विरोध के बाद आदेश वापस

भोपाल एम्स में करीब 260 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने की जानकारी के बाद प्रदर्शन हुआ। विरोध के बाद सेवा समाप्ति और ट्रांसफर से जुड़े आदेश वापस लेने की बात सामने आई।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 5 मिनट पहले
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भोपाल एम्स में 260 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने पर हंगामा, विरोध के बाद आदेश वापस

भोपाल। भोपाल एम्स में करीब 260 आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवा से हटाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद बुधवार रात से गुरुवार तक हंगामे की स्थिति बनी रही। हाउसकीपिंग, वार्ड बॉय समेत अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों के नाम सेवा समाप्ति की सूची में होने की बात सामने आने के बाद कर्मचारियों ने एम्स के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया।

कर्मचारियों का आरोप था कि उन्हें बिना स्पष्ट कारण बताए नौकरी से हटाने का फैसला लिया गया। बताया गया कि कर्मचारियों से संबंधित सूची बुधवार रात करीब 9 बजे जारी हुई, जिसके बाद एमजी सोलंकी कंपनी से जुड़े कर्मचारियों में विरोध शुरू हो गया।

नौकरी से हटाने के फैसले का आधार बताने की मांग

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने संबंधित एजेंसी और एम्स प्रबंधन से सेवा समाप्ति के फैसले का आधार स्पष्ट करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से अस्पताल में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अचानक हटाने की जानकारी दी गई।

कर्मचारियों ने नौकरी बहाल करने और सेवा से जुड़े अन्य मामलों का भी निराकरण करने की मांग की। विरोध के दौरान कर्मचारियों ने एम्स के मुख्य गेट पर धरना दिया।

विरोध के बाद सेवा समाप्ति और ट्रांसफर का आदेश वापस

कर्मचारियों के विरोध के बाद एम्स प्रबंधन की ओर से करीब 260 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा समाप्ति और ट्रांसफर से संबंधित आदेश वापस लेने की बात सामने आई। इससे हाउसकीपिंग, वार्ड बॉय सहित प्रभावित अन्य कर्मचारियों की सेवाएं जारी रहने का रास्ता साफ हुआ।

मध्यप्रदेश ठेका मजदूर कांग्रेस इंटक के अध्यक्ष केके नेमा के मुताबिक, कर्मचारियों को हटाए जाने के विरोध में धरना दिया जा रहा था। प्रबंधन की ओर से मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।

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नेमा के अनुसार, करीब 260 कर्मचारियों को नोटिस दिए गए थे। प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया कि कर्मचारियों को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा। साथ ही कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों के निराकरण का भी भरोसा दिया गया।

एम्स ने कहा- गलतफहमी दूर की गई

इस पूरे मामले पर एम्स भोपाल ने अपने प्रेस नोट में कहा कि अस्पताल में मरीजों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार, आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों के बीच उत्पन्न कुछ गलतफहमी को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए गए।

एम्स प्रशासन ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। प्रशासन के मुताबिक, इन प्रयासों के चलते मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं लगातार जारी रहीं।

एम्स ने यह भी कहा कि वह मरीजों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ सहयोगात्मक संवाद बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

कर्मचारियों के लिए राहत, लेकिन सवाल भी उठे

सेवा समाप्ति को लेकर अचानक सामने आई सूची और उसके बाद हुए विरोध ने आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए। हालांकि, प्रबंधन की ओर से आश्वासन के बाद तत्काल विवाद शांत हो गया है और कर्मचारियों के काम पर लौटने की स्थिति बनी है।

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