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लाइफस्टाइल डेस्क · 02-08-2026

बारिश में दीवारों की सीलन से हैं परेशान? अपनाएं ये 5 आसान उपाय, पेंट भी नहीं झड़ेगा

बारिश के मौसम में दीवारों की सीलन, फफूंद और झड़ते पेंट से परेशान हैं? जानिए सीलन दूर करने के 5 आसान घरेलू उपाय और वॉटरप्रूफिंग टिप्स।

कंचन शर्मा
कंचन शर्मा
Reporter · 02-08-2026
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बारिश में दीवारों की सीलन से हैं परेशान? अपनाएं ये 5 आसान उपाय, पेंट भी नहीं झड़ेगा

लाइफस्टाइल डेस्क। बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं घरों में सीलन की समस्या भी बढ़ा देता है। दीवारों पर नमी आने से पेंट उखड़ने लगता है, फफूंद और बदबू पैदा हो जाती है, जिससे घर की सुंदरता और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं। हालांकि कुछ आसान उपाय अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।

सबसे पहले जानें सीलन की वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी समाधान से पहले यह पता लगाना जरूरी है कि नमी का कारण क्या है। यदि छत, पाइपलाइन, दीवारों की दरार या बाथरूम से पानी का रिसाव हो रहा है, तो पहले उसकी मरम्मत कराएं। मूल कारण दूर किए बिना केवल पेंट या केमिकल लगाने से समस्या दोबारा हो सकती है।

खराब पेंट को पूरी तरह हटाएं

यदि दीवार का पेंट उखड़ने लगा है, तो उस पर सीधे नया पेंट न करें। स्क्रेपर या रेगमाल की मदद से खराब पेंट और पपड़ी को पूरी तरह हटाएं। इसके बाद दीवार को कम से कम 24 से 48 घंटे तक अच्छी तरह सूखने दें।

फफूंद हटाने के लिए अपनाएं घरेलू उपाय

सीलन वाली जगह पर फंगस या फफूंद दिखाई दे रही हो तो सफेद सिरके का स्प्रे करें। करीब 30 मिनट बाद बेकिंग सोडा और पानी का पेस्ट बनाकर प्रभावित हिस्से पर लगाएं और ब्रश से साफ कर दें। इससे फफूंद हटने के साथ बदबू भी कम होती है।

वाटरप्रूफिंग कराना रहेगा फायदेमंद

दीवार पूरी तरह सूखने के बाद वाटरप्रूफिंग सीलेंट या डैम्प-प्रूफ कोटिंग लगाएं। इसके बाद वॉटरप्रूफ पुट्टी का उपयोग कर दीवार को समतल करें। इससे नमी अंदर आने से रुकती है और पेंट लंबे समय तक टिकता है।

घर में रखें बेहतर वेंटिलेशन

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कमरों में ताजी हवा और धूप का पर्याप्त प्रवेश होना चाहिए। रोजाना कुछ समय के लिए खिड़कियां खोलें। जिन कमरों में धूप नहीं पहुंचती, वहां पंखे या डिह्यूमिडिफायर का उपयोग कर नमी कम की जा सकती है।

यदि सीलन लगातार बनी रहती है या दीवारों में बार-बार नमी आने लगे, तो किसी अनुभवी सिविल इंजीनियर या वाटरप्रूफिंग विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर रहेगा। समय रहते उचित मरम्मत कराने से दीवारों को होने वाले बड़े नुकसान और अतिरिक्त खर्च से बचा जा सकता है।

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